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महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू, जानिए शिव पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती...सबकुछ

महाशिवरात्रि के पर्व में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान पूजा की जाती है। इस पूजा में बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल, फूल, इत्र, गंगाजल, पंचामृत, वस्त्र, कुमकुम समेत तमाम सामग्रियों की जरूरत पड़ती है। यहां हम आपको बताएंगे महाशिवरात्रि की पूजा विधि और सामग्रि लिस्ट के बारे में हर एक जानकारी।

लवीना शर्माUpdated Feb 27, 2025, 06:19 IST
महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू, जानिए शिव पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती...सबकुछ

महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू, जानिए शिव पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती...सबकुछ

महाशिवरात्रि हिंदुओं के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। वैसे तो हर महीने में शिवरात्रि आती है लेकिन सभी में फाल्गुन महीने की महाशिवरात्रि का सबसे अधिक महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान पूजा करते हैं। इस खास दिन पर रुद्राभिषेक कराने का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार 26 फरवरी को मनाया जा रहा है। चलिए जानते हैं इस पर्व की पूजा विधि।

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महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त 2025 (Maha Shivratri Puja Ka Shubh Muhurat 2025)

महाशिवरात्रि पूजा के लिए निशीथ काल मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है। ये मुहूर्त इस साल 26 फरवरी की देर रात 12 बजकर 9 मिनट से लेकर 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।

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महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा मुहूर्त 2025 (Maha Shivratri Chaar Prahar Puja Muhurat 2025)

महाशिवरात्रि के दिन रात्रि के चारों पहरों की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। ये मुहूर्त इस प्रकार है...
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय- 06:19 PM से 09:26 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय- 26 फरवरी को 09:26 PM से 27 फरवरी को 12:34 AM तक
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी 2025 को 12:34 AM से 03:41 AM
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय- 27 फरवरी 2025 तो 03:41 AM से 06:48 AM


महाशिवरात्रि पूजन सामग्री (Mahashivratri Pujan Samagri)

धूप, दीप, अक्षत, सफेद, घी, बेल, भांग, बेर, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, गंगा जल, कपूर, मलयागिरी, चंदन, पंच मिष्ठान, शिव व मां पार्वती के श्रृंगार की सामग्री,पंच मेवा, शक्कर, शहद, आम्र मंजरी, जौ की बालियां, वस्त्राभूषण, चंदन, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, दही, फल, फूल, बेलपत्र, धतूरा, तुलसी दल, मौली जनेऊ, पंच रस, इत्र, गंध रोली, कुशासन आदि।

Maha Shivratri Shiv Bhajan|| महाशिवरात्रि पूजा विधि इन हिंदी (Maha Shivratri Puja Vidhi In Hindi)

  • महाशिवरात्रि के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और व्रत-संकल्प लें।
  • इसके बाद घर के मंदिर में विधि विधान शिव-पार्वती की पूजा करें।
  • शिव जी के मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • इसके बाद मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, चंदन इत्यादि चीजें चढ़ाएं।
  • इस दिन रात्रि की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
  • इसलिए रात में पूजा करने से पहले फिर से स्नान करें।
  • इसके बाद आप अपनी सुविधानुसार रात्रि के किसी भी प्रहर में या फिर चारों प्रहर में शिव जी की पूजा करें।
  • इस दौरान भोलेनाथ को दही, घी, दूध, शक्कर, शहद इत्यादि चीजों से स्नान कराएं। आप चाहें तो गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं।
  • पूजा के समय शिवरात्रि की व्रत कथा भी जरूर सुनें।
  • इसके अलावा शिव जी के मंत्रों और चालीसा का पाठ भी जरूर करें।
  • फिर परिवार सहित शिव भगवान की आरती करें।
  • भोग लगाएं और अपने व्रत का पारण करें।

महाशिवरात्रि के मंत्र (Maha Shivratri Mantra)

ॐ ऊर्ध्व भू फट् । ॐ नमः शिवाय । ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय ।
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा ।
ॐ इं क्षं मं औं अं । ॐ प्रौं ह्रीं ठः ।
ॐ नमो नीलकण्ठाय । ॐ पार्वतीपतये नमः । ॐ पशुपतये नम:।

Maha Shivratri Vrat Kaise Rakhe

महाशिवरात्रि की पौराणिक कथा (Maha Shivratri Ki Katha)

शिवरात्रि को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं जिनमें से एक कथा अनुसार माता पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए घनघोर तपस्या की थी। जिसके फलस्वरूप फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है कि इस दिन को महाशिवरात्रि के रूप में हर साल धूमधाम से मनाया जाता है।

वहीं गरुड़ पुराण में इस दिन के महत्व को लेकर एक अन्य कथा बताई गई है, जिसके अनुसार इस दिन एक निषादराज अपने कुत्ते के साथ शिकार खेलने गया किन्तु उसे कोई शिकार नहीं मिल सका। जिसके बाद वह थककर भूख-प्यास से परेशान होकर एक तालाब के किनारे गया, जहां बिल्व वृक्ष के नीचे एक शिवलिंग था जिसका उस शिकारी को नहीं पता था। अपने शरीर को आराम देने के लिए जब उसने कुछ बिल्व-पत्र तोड़े, तो वो शिवलिंग पर भी गिर गए। अपने पैरों को साफ़ करने के लिए उसने उनपर तालाब का जल छिड़का, तो उसकी कुछ बून्दें शिवलिंग पर भी जा गिरीं। ऐसा करते समय उसका एक तीर नीचे गिर गया जब उसने तीर उठाने की कोशिश की तो वह शिव लिंग के सामने झुक गया। इस तरह शिवरात्रि के दिन अनजाने में ही सही लेकिन उसने व्रत भी रख लिया और शिव-पूजन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली। मृत्यु के बाद जब यमदूत उसे लेने आए, तो शिव के गणों ने उसकी रक्षा की।


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FEB 26, 2025 20:29 IST

Can We Eat After 12am On Maha Shivratri Fast: क्या शिवरात्रि में 12 बजे के बाद खाना खा सकते हैं

शिवरात्रि व्रत में अन्न का सेवन नहीं किया जाता है। रात 12 बजे के बाद भी फलाहारी भोजन ही कर सकते हैं। व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है।

FEB 26, 2025 20:11 IST

Shivratri Kis Liye Manai Jati Hai: शिवरात्रि किस लिए मनाई जाती है

शिवरात्रि पर्व क्यों मनाया जाता है। इससे जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं। जिनमें से सबसे ज्यादा प्रचलित कथा शिव-पार्वती से जुड़ी है। ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। वहीं ये भी कहा जाता है कि इस पवित्र दिन पर ही भगवान शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे।
FEB 26, 2025 19:55 IST

Can We Eat Kheer In Shivratri Fast: क्या शिवरात्रि व्रत में खीर खा सकते हैं

जी हां शिवरात्रि व्रत में खीर का सेवन कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि खीर साबूदाने या फिर मखाने से बनी होनी चाहिए।
FEB 26, 2025 19:15 IST

शिवरात्रि के दिन क्या दान करना चाहिए

शिवरात्रि के दिन अन्न का दान बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं दान करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
FEB 26, 2025 18:32 IST

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FEB 26, 2025 18:10 IST

Maha Shivratri Fasting Rules: महाशिवरात्रि व्रत के नियम

  • महाशिवरात्रि व्रत में अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • इस दिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र जरूर चढ़ाना चाहिए।
  • फलाहारी भोजन करना चाहिए।
  • सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

FEB 26, 2025 17:21 IST

What To Eat In Shivratri Fast At Night: शिवरात्रि व्रत की रात में क्या खा सकते हैं

शिवरात्रि व्रत की रात में फलाहारी भोजन का सेवन कर सकते हैं। कई लोग रात में अन्न का सेवन भी कर लेते हैं।
FEB 26, 2025 16:57 IST

महाशिवरात्रि रुद्राभिषेक मुहूर्त 2025 (Maha Shivratri Rudrabhishek Time 2025)

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय- 06:19 PM से 09:26 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय- 26 फरवरी को 09:26 PM से 27 फरवरी को 12:34 AM तक
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी 2025 को 12:34 AM से 03:41 AM
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय- 27 फरवरी 2025 तो 03:41 AM से 06:48 AM
FEB 26, 2025 16:42 IST

Shivratri Vrat Nishita Kaal Muhuarat: शिवारत्रि व्रत निशिता काल

शिव पूजा का निशिता काल मुहूर्त: 26 फरवरी 2025, मध्यरात्रि 12:09 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। निशिता काल पूजा की कुल अवधि 50 मिनट की है।
FEB 26, 2025 16:09 IST

Can we Eat Choclate In Mahashivratri Fast: क्या महाशिवरात्रि के दिन चॉकलेट खा सकते हैं

महाशिवरात्रि के दिन फलाहार करने की परंपरा है, लेकिन यदि आप चॉकलेट खाना चाहते हैं तो उससे पहले ये जरूर देख लें कि उसमे क्या- क्या चीज मिली हुई है। अगर उसमे वो सब है जो व्रत में खाया जा सकता है तो आप चॉकलेट का सेवन कर सकते हैं, लेकिन कोशिश करें कि इस दिन चॉकलेट ना खाएं। यदि आपने व्रत नहीं रखा है तो आप आराम से इसका सेवन कर सकते हैं।
FEB 26, 2025 15:58 IST

Maha Shivratri Ka Vrat Kaise Khola Jata Hai: महाशिवरात्रि का व्रत कैसे खोला जाता है

महाशिवरात्रि का व्रत अगले दिन सुबह सूर्योदय के समय खोला जाता है। व्रत खोलने से पहले भगवान शिव की विधि विधान पूजा की जाती है। इसके बाद व्रत खोल लेते हैं।
FEB 26, 2025 15:31 IST

महाशिवरात्रि व्रत पारण समय 2025 (Mahashivratri Vrat Parana Time 2025)

महाशिवरात्र व्रत का पारण 27 फरवरी की सुबह 06:48 से लेकर 08:54 बजे तक किया जा सकेगा।व्रत का समापन कर लेना चाहिए।
FEB 26, 2025 15:00 IST

महाशिवरात्रि व्रत से मिलने वाले लाभ (Mahashivratri Vrat Ke Fayde)


इस व्रत के प्रभाव से विवाहितों को सुख- सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं, जो जातक अविवाहित होते हैं, उनकी जल्द ही शादी के योग बनते हैं। घर-परिवार में भी सुख-समृद्धि आती है और सदैव बरकत बनी रहती है।
FEB 26, 2025 14:24 IST

Mahashivratri Vrat Vidhi: महाशिवरात्रि व्रत कैसे रखा जाता है?


महाशिवरात्रि व्रत में फलाहार ले सकते हैं। ये व्रत निर्जला नहीं रखा जाता। इस व्रत में कूट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, फल, दूध से बनी चीजों, जीरा, आलू, टमाटर, लौकी इत्यादि चीजों का सेवन किया जा सकता है। व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के समय किया जाता है।
FEB 26, 2025 14:00 IST

Mahashivratri Vrat Parana Time 2025: महाशिवरात्रि व्रत पारण समय

महाशिवरात्र व्रत का पारण 27 फरवरी की सुबह 06:48 से लेकर 08:54 बजे तक किया जा सकेगा।
FEB 26, 2025 13:32 IST

Maha Shivratri 2025 Daan Niyam: महाशिवरात्रि के दिन क्या दान करना चाहिए?

महाशिवरात्रि के दिन जरूरतमंदों को भी इनका दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इससे धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। काले तिल और चावल का दान करने से पितृदोष समाप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
FEB 26, 2025 13:00 IST

What Not To Eat In Mahashivratri Vrat: शिवरात्रि व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए

महाशिवरात्रि व्रत में चावल, गेहूं, बेसन जैसे अनाज और दालें वर्जित हैं। साधारण नमक औऱ अधिक तेल मसाले वाली चीजें नहीं खानी चाहिए।
FEB 26, 2025 12:26 IST

Maha Shivratri 2025: क्या शिवरात्रि व्रत में नमक खा सकते हैं

शिवरात्रि व्रत में सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं। लेकिन सामान्य नमक का प्रयोग नहीं करना है।
FEB 26, 2025 11:54 IST

What To Eat In Shivratri Fast: शिवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं

शिवरात्रि व्रत में फलाहारी भोजन का सेवन कर सकते हैं। जैसे फल, दूध, दही, पनीर, कूट्टू का आटा, व्रत के चावल, सिंघाड़ा आटा इत्यादि।
FEB 26, 2025 11:00 IST

Maha Shivratri Bhog: महाशिवरात्रि पर शिव जी को जरूर लगाएं इन 5 चीजों का भोग

ठंडाई: भगवान शिव को ठंडाई और भांग बहुत प्रिय है इसलिए महाशिवरात्रि पर शिव को ठंडाई में भांग मिलकर भोग लगाएं।
मखाने की खीर: महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को मखाने की खीर का प्रसाद के रूप में भोग लगाएं।
हलवा: महाशिवरात्रि पर शिव जी का आशीर्वाद पाने के लिए उन्हें सूजी या कुट्टू के आटे का हलवा बनाकर अर्पित करें।
मालपुआ: मालपुआ भी शिव शंकर को अत्यंत प्रिय है इसलिए महाशिवरात्रि पर मालपुआ में थोड़ी भांग मिलाकर शिव जी को प्रसाद के रूप में चढ़ाएं।
लस्सी: महाशिवरात्रि पर शिव जी को लस्सी का भोग लगाने से आपको महादेव का आशीर्वाद मिलता है।