अध्यात्म

Laxmi Ji Ki Aarti: ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता, मां लक्ष्मी की आरती

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  • Updated Oct 24, 2022, 07:41 PM IST

Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi: दिवाली का त्योहार हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को अच्छे से सजाते हैं और शाम के समय मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

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Lakshmi Mata Aarti Hindi Lyrics: माता लक्ष्मी की आरती

Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi: हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है। व्यक्ति को धन-धान्य मां लक्ष्मी की कृपा से ही प्राप्त होता है। दिवाली का दिन माता की पूजा के लिए विशेष माना गया है। कहते हैं जो भी व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से मां की भक्ति करता है उसके जीवन में सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती। दिवाली पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। लेकिन इन्हें प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय है इनकी आरती जिसके बिना दिवाली पूजा अधूरी मानी जाती है।

Lakshmi Ji Ki Aarti, Diwali Aarti

ॐ जय लक्ष्मी माता,

मैया जय लक्ष्मी माता ।

तुमको निसदिन सेवत,

हर विष्णु विधाता ॥

उमा, रमा, ब्रम्हाणी,

तुम ही जग माता ।

सूर्य चद्रंमा ध्यावत,

नारद ऋषि गाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

दुर्गा रुप निरंजनि,

सुख-संपत्ति दाता ।

जो कोई तुमको ध्याता,

ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

तुम ही पाताल निवासनी,

तुम ही शुभदाता ।

कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी,

भव निधि की त्राता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

जिस घर तुम रहती हो,

ताँहि में हैं सद्‍गुण आता ।

सब सभंव हो जाता,

मन नहीं घबराता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

तुम बिन यज्ञ ना होता,

वस्त्र न कोई पाता ।

खान पान का वैभव,

सब तुमसे आता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

शुभ गुण मंदिर सुंदर,

क्षीरोदधि जाता ।

रत्न चतुर्दश तुम बिन,

कोई नहीं पाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

महालक्ष्मी जी की आरती,

जो कोई नर गाता ।

उँर आंनद समाता,

पाप उतर जाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥

ॐ जय लक्ष्मी माता,

मैया जय लक्ष्मी माता ।

तुमको निसदिन सेवत,

हर विष्णु विधाता ॥

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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