Karva Chauth After Engagement, सगाई के बाद करवा चौथ का व्रत: सगाई के बाद जिंदगी में एक नया रंग जुड़ जाता है। शादी की तैयारियों, रिश्तों की मिठास और आने वाले कल के सपनों के बीच कई लड़कियां अपने मंगेतर के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। हालांकि ऐसे में कई सवाल भी होते हैं कि, क्या शादी से पहले यह व्रत रखा जा सकता है? पूजा कैसे करनी चाहिए और व्रत किस तरह खोलना चाहिए?
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दरअसल, करवा चौथ का व्रत परंपरा, आस्था और व्यक्तिगत विश्वास से जुड़ा है। कुछ परिवारों में सगाई के बाद ही इसकी शुरुआत कर दी जाती है, जबकि कुछ परिवार शादी के बाद पहला व्रत रखने की परंपरा मानते हैं। इसलिए व्रत रखने से पहले अपने परिवार की रीति समझना जरूरी है। यहां पढ़ें सगाई के बाद करवा चौथ का व्रत कैसे रखें, करवा चौथ व्रत के नियम क्या हैं।
सगाई के बाद करवा चौथ का व्रत
कई लड़कियां सगाई के बाद करवा चौथ का व्रत अपने मंगेतर यानि होने वाले पति के लिए रखती हैं। होने वाले पति की लंबी उम्र और आगे के खुशहाल जीवन के लिए सगाईशुदा लड़कियां व्रत करती हैं। हालांकि ये परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है।
सरगी के नियम
सरगी करवा चौथ की सुबह सूर्योदय से पहले खाया जाने वाला भोजन है। कई परिवारों में सास अपनी होने वाली बहू को भी सरगी देती हैं। इसमें फल, मेवे, मिठाई और दूसरी पौष्टिक चीजें शामिल हो सकती हैं। हालांकि, सगाई के बाद होने वाली सास सरगी न भेजे तो आप सूर्योदय से पहले खुद फल, मेवों के साथ सरगी ग्रहण करें और फिर ही करवा चौथ व्रत की शुरुआत करें।
करवा चौथ की रस्में
सगाई के बाद अगर लड़कियां करवा चौथ का व्रत रख रही हैं। तो लड़कियों के लिए करवा बदलने या फिर थाली घुमाने वाली रस्में पूर्ण करना अनिवार्य नहीं होता है। हालांकि हर किसी के घर के नियम अलग होते हैं।
