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Holi Ke Bhajan: आज ब्रज में होली रे रसिया, होली त्योहार के सुपरहिट भजनों का कलेक्शन यहां देखें

Holi Bhajan, Song And Geet (aaj biraj mein holi re rasiya): आज ब्रज में होली रे रसिया....होली का त्योहार आने से पहले ही इसके भजनों की गूंज सुनाई देने लगती है। क्योंकि ये त्योहार लोग नाच गाकर बड़े ही आनंद से मनाते हैं। यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं होली के सुपरहिट भजनों का कलेक्शन।

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Holi Ke Bhajan

Holi Bhajan, Song And Geet (aaj biraj mein holi re rasiya): होली का त्योहार भारत के कोने-कोने में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और नाच गाकर बड़े ही आनंद के साथ ये त्योहार मनाते हैं। इस पर्व का मजा दोगुना कर देते हैं इसके भजन। इसलिए होली पर्व आने से पहले ही इसके भजनों की खोज शुरू हो जाती है। जिससे होली के शुभ अवसर पर इन भजनों पर खूब नाचा-गाया जा सके। यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं होली के प्रसिद्ध भजनों का कलेक्शन जो आपके लिए ये त्योहार और भी ज्यादा खास बना देंगे।

आज बृज में होली रे रसिया लिरिक्स (Aaj Biraj Mein Holi Re Rasiya)

आज बृज में होली रे रसिया, होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥

आज बृज में होली रे रसिया, होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥

अपने अपने घर से निकसी, कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया।

कौन गावं के कुंवर कन्हिया, कौन गावं राधा गोरी रे रसिया।

नन्द गावं के कुंवर कन्हिया, बरसाने की राधा गोरी रे रसिया।

आज बृज में होली रे रसिया....

कौन वरण के कुंवर कन्हिया, कौन वरण राधा गोरी रे रसिया।

श्याम वरण के कुंवर कन्हिया प्यारे, गौर वरण राधा गोरी रे रसिया।

आज बृज में होली रे रसिया....

कौन के हाथ कनक पिचकारी, कौन के हाथ कमोरी रे रसिया।

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी, राधा के हाथ कमोरी रे रसिया।

आज बृज में होली रे रसिया....

इत ते आए कुंवर कन्हिया, उत ते राधा गोरी रे रसिया।

उडत गुलाल लाल भए बादल, मारत भर भर झोरी रे रसिया।

आज बृज में होली रे रसिया....

अबीर गुलाल के बादल छाए, धूम मचाई रे सब मिल सखिया।

चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि, चिर जीवो यह जोड़ी रे रसिया।

आज बृज में होली रे रसिया।

होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥

होली के भजन लिरिक्स (Holi Top 10 Bhajan)

  • आज बिरज में होली रे रसिया (Aaj Biraj Mein Hori Re Rasiya)
  • होली खेले रे सांवरिया होली खेले रे (Holi Khele Re Sanwariya Holi Khele Re)
  • जहां जहां राधे वहां जाएंगे मुरारी (Jahan Jahan Radhe Wahan Jayenge Murari)
  • होली खेलन आयो श्याम आज (Holi Khelan Aayo Shyam Aaj)
  • रसिया को नार बनाओ री रसिया को (Rasiya Ko Naar Banao Ri)
  • ये मस्त महीना फागुन का (Ye Mast Mahina Fagun Ka)
  • रंग मत डारे रे सांवरिया (Rang Mat Daare Re Sanwariya)
  • भागा रे भागा देखो नंदलाला (Bhaga Re Bhaga Dekho Nandlala)
  • नैना नीचा करले श्याम से (Naina Neecha Karle Shyam Se)
  • होली खेल रहे नंदलाल (Holi Khel Rahe Nandlal)

होली कब मनाई जाती है

होली दो दिन मनाई जाती है। पहले दिन यानी फाल्गनु पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है तो वहीं चैत्र कृष्ण पक्ष की पहली तारीख को रंगवाली होली खेली जाती है। इस साल होली का त्योहार कहीं 25 मार्च को तो कहीं 26 मार्च को मनाया जा रहा है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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