किस तरह होती है गोवर्धन पूजा? जानिए इसकी पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ
गोवर्धन पूजा का पावन पर्व इस साल 2 नवंबर को मनाया जा रहा है। ऐसे में हम आपको यहां बताएंगे गोवर्धन पूजा कैसे की जाती है, इस पूजा में क्या-क्या सामान लगता है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
किस तरह होती है गोवर्धन पूजा? जानिए इसकी पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ
Govardhan Puja Katha In Hindi
गोवर्धन पूजा का टाइम 2024 (Govardhan Puja 2024 Muhurat Time)
गोवर्धन पूजा मंत्र (Govardhan Puja Mantra)
-गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक।
विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रभो भव।।
-लक्ष्मीर्या लोकपालानां धेनुरूपेण संस्थिता।
घृतं वहति यज्ञार्थ मम पापं व्यपोहतु।।
-ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
Govardhan Puja Mantra
गोवर्धन पूजा विधि (Govardhan Puja Vidhi In Hindi)
Govardhan Puja 56 Bhog List
गोवर्धन पूजा की सामग्री (Govardhan Puja Samagri)
रोली, अक्षत, चावल, बताशा, नैवेद्य, मिठाई, गंगाजल, पान, फूल, खीर,सरसों के तेल का दीपक,गाय का गोबर गोवर्धन पर्वत की फोटो, दही, शहद, धूप-दीप, कलश, केसर, फूल की माला, कृष्ण जी की प्रतिमा या तस्वीर, गोवर्धन पूजा की कथा की किताब।
गोवर्धन पूजा के दिन होती है विश्वकर्मा पूजा (Govardhan Puja Ke Din Vishwakarma Puja)
गोवर्धन पूजा के दिन कई जगह भगवान विश्वकर्मा की भी पूजा की जाती है। इस पूजा में लोग मुख्य रूप से कारखानों और मशीनों की पूजा करते हैं।
गोवर्धन पूजा के दिन अन्नकूट उत्सव (Govarhan Puja Or Annakut Utsav)
गोवर्धन पूजा को अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन तरह-तरह के अन्न का भगवान को भोग लगाया जाता है। बहुत सी जगहों पर इस दिन पूड़ी और बाजरे की खिचड़ी भी तैयार की जाती है।
गोवर्धन पूजा की आरती (Govardhan Puja Aarti Lyrics)
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।
govardhan puja kaise ke jati hai: गोवर्धन पूजा कैसे की जाती है
गोवर्धन पूजा के दिन क्या करें? (What to do on the day of Govardhan Puja)
ब्रह्मचर्य नियम का पालन करें।
सात्विक भोजन का सेवन करें।
भगवान श्रीकृष्ण के नामों का जप करें।
गोवर्धन पर्वत की विशेष पूजा-अर्चना करें।
श्रद्धा अनुसार गरीबों में दान करें।
भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित करें।
गायों की पूजा करना शुभ होता है।
गोवर्धन पूजा का टाइम 2024 : Govardhan puja ka time 2024
गोवर्धन पूजा मंत्र 2024 (Govardhan Puja Mantra 2024)
Krishna Mantra (कृष्ण मंत्र)''श्री कृष्णाय वयं नुम:
तापत्रयविनाशाय श्रीकृष्णाय वयं नुम:।।
ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात”
Govardhan Puja Katha: गोवर्धन पूजा कथा
भगवान इंद्र ने 7 दिनों तक भयंकर बारिश की। लेकिन भगवान कृष्ण के द्वारा उठाए गए गोवर्धन पर्वत के नीचे रहने की वजह से किसी का बाल भी बांका नहीं हुआ। तब भगवान इंद्र को इस बात का अहसास हुआ कि उनका मुकाबला किसी सामान्य पुरुष से नहीं है। ऐसे में जब उन्हें भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री कृष्ण के बारे में पता चला तो उन्होंने क्षमा याचना मांगी और मुरलीधर की पूजा करके उन्हें इंद्र देव ने भोग भी लगाया। कहते हैं तब से ही गोवर्धन पूजा की शुरुआत हुई।
Govardhan Puja Bhog: गोवर्धन पूजा भोग
गोवर्धन के गीत (Govardhan Ke Geet)
गोवर्धन महाराज, हमारे प्रभु गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
मानसी मानसी गंगा को असनान,
धरो फिर चकलेश्वर को ध्यान,
दान घाटी में दही को दान,
करो परिक्रमा की तैयारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
इंद्र को मन मर्दन कीन्हो डूबत बृज को बचाय लीन्हो,
प्रकट भये है दर्शन दीन्हो श्री नटवर की महिमा न्यारी है,
गोवर्धन महाराज
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
भक्त जन पड़े रहे चहुँ और,
संतजन पड़े रहे चहुँ और,
देख के ध्यान धरे नित घोर,
शिखर के ऊपर नाचत मोर,
कर रहे हैं बृज की रखवारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
धन्य जो बात करें गिरिराज,
सिद्ध हो उनके बिगरे काज,
लाज भक्तन की रखे गिरिराज,
श्याम तेरे चरणन की बलिहारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
मानसी गंगा श्री हरिदेव गिरीवर की परिक्रमा देव,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
Govardhan Puja Vidhi: गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है?
Govardhan Ko Kis Disha Me Banana Chahiye: गोवर्धन को किस दिशा में बनाना चाहिए
गोवर्धन पूजा की आरती (Govardhan Puja Aarti Lyrics)
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।
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गोवर्धन पूजा का टाइम 2024 (Govardhan Puja 2024 Muhurat Time)
- गोवर्धन पूजा 2 नवंबर 2024, शनिवार
- गोवर्धन पूजा प्रातः काल मुहूर्त 06:34 से 08:46
- गोवर्धन पूजा सायाह्नकाल मुहूर्त 03:23 PM से 05:35 PM
- प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ 01 नवम्बर 2024 को 06:16 PM
- प्रतिपदा तिथि समाप्त 02 नवम्बर 2024 को 08:21 PM
