Dusre navratri ki aarti Aur mantra, नवरात्रि के दूसरे दिन की आरती: शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि जीवन में बड़ी सफलता पाने के लिए केवल सपने देखना काफी नहीं है, बल्कि धैर्य, मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति सच्ची लगन भी जरूरी है। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या, त्याग और अटूट संकल्प की देवी माना जाता है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर भक्त मां की पूजा करके अपने जीवन में सुख, शांति और आत्मबल की कामना करते हैं। आरती और मंत्रोच्चारण के बिना नवरात्रि का पूजन अधूरा है। नोट करें नवरात्रि के दूसरे दिन की आरती, मां ब्रह्माचारिणी का मंत्र कौनसा है।
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मां ब्रह्मचारिणी की आरती (Dusre navratri ki aarti)
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।
मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र, Navratri dusra din mantra
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की कृपा पाने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है -
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
भक्त इस मंत्र का अपनी सुविधानुसार श्रद्धापूर्वक जाप कर सकते हैं। जाप करते समय मन को शांत रखें और अपने जीवन में सकारात्मकता, धैर्य तथा सही रास्ते पर चलने की शक्ति देने की प्रार्थना करें।
दूसरे नवरात्रि पर कैसे करें मां की पूजा
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें। मां ब्रह्मचारिणी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करके दीपक जलाएं। इसके बाद फूल, अक्षत, फल और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित करें। मां के मंत्र का जाप करें और आरती करके परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
पूजा में सबसे जरूरी बात मन की एकाग्रता और सच्ची श्रद्धा है। सामग्री कम हो, तब भी भक्त पूरे विश्वास के साथ मां की आराधना कर सकते हैं।
