Chaitra Navratri 2024: चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान पूरे माता रानी अलग- अलग विधानों से उपासना की जाती है। नवरात्रि में शक्ति स्वरूपा मां भगवती की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश की स्थापना की जाती है। कलश स्थापना के समय कलश के चारों ओर जौ बोने की परंपरा है। जौ बोने की परंपरा कई सदियों से चली आ रही है। जौ नवरात्रि के पहले दिन बौया जाता है और इसके नवरात्रि के समापन के दिन इसे काटे जाते हैं। शास्त्रों में ऐसा माना जाता है कि जौ के रंग से लोगों के भविष्य का पता चलता है इनके रंगे से शुभ और अशुभ संकेत मिलते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं रंगों से कैसे संकेतो को पहचाना जा सकता है।
नवरात्रि में बोए जौ के रंग के शुभ संकेत
- यदि नवरात्रि के एक-दो दिन बाद जौ उगने लगे और खूब हरा हो तो यह शुभ माना जाता है। यह सौभाग्य और समृद्धि से जुड़ा है। साथ ही घर में सभी का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
- यदि जौ सफेद या हरा है तो यह भी एक शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि माता रानी आपकी पूजा से प्रसन्न हुई हैं।
- यदि आपके घर में पीले रंग का जौ उगता है तो आपके घर में सुख, समृद्धि आने वाली है।
- जौ का बड़ा होना भी शुभ माना जाता है। जौ के बड़ा होने से घर में धन, वैभव आने वाला है।
नवरात्रि में बोए जौ के रंग का अशुभ संकेत
- यदि आप जौ में भरपूर मात्रा में पानी दे रहें हैं। फिर आपको जौ अच्छे से नहीं हो रहा है तो यह आपके लिए अशुभ हो सकता है।
- काले जौ उगाना भी प्रतिकूल माना जाता है। इसका मतलब है कि आपको भविष्य में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- यदि जौ सूखा और पीला है तो जीवन में अनेक परेशानियां आएंगी। इस समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए मां की आराधना करें।
- अगर आपके जौ का रंग आधा हरा और आधा सफेद है, या फिर जौ पहले हरा और फिर सफेद हो जाता है, तो इसका मतलब है कि साल की शुरुआत अच्छी होगी, लेकिन फिर आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
