Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi (ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता आरती): धनतेरस के साथ दिवाली के पर्व की भी शुरुआत हो गई है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है। इस साल धनतेरस तीन नवंबर को मनाया जा रहा है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस को खरीदारी के लिए साल का सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस दिन लक्ष्मी को प्रिय लगने वाले पुष्पों और वस्त्रों से माता का श्रृंगार करना चाहिए। माता को पुष्प में कमल और गुलाब प्रिय है। मिष्ठान भोजन और खीर पसंद है। केसर की मिठाई और हलवा प्रिय है। आज के दिन मां लक्ष्मी जी की पूजा करते समय आप उन्हें प्रसन्न करने के लिए पूजा मंत्र का जाप और आरती गा सकते हैं।
धनतेरस लक्ष्मी पूजा मंत्र (Dhanteras 2021 Lakshmi Puja Mantra)
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:।
लक्ष्मी जी की आरती (Dhanteras 2021 LakshmiJi ki aarti)
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत हर-विष्णु-धाता ॥ॐ जय…
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता ।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ॐ जय…
तुम पाताल-निरंजनि, सुख-सम्पत्ति-दाता ।
जोकोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि-धन पाता ॥ॐ जय…
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता ।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता ॥ॐ जय…
जिस घर तुम रहती, तहँ सब सद्गुण आता ।
सब सम्भव हो जाता, मन नहिं घबराता ॥ॐ जय…
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न हो पाता ।
खान-पान का वैभव सब तुमसे आता ॥ॐ जय…
शुभ-गुण-मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहिं पाता ॥ॐ जय…
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कई नर गाता ।
उर आनन्द समाता, पाप शमन हो जाता ॥ॐ जय…
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में घर के मुख्य द्वार या आंगन में दीया जलाएं। एक दीया यम देवता के नाम का भी जलाएं। धनतेरस के दिन घर में अपने इष्ट देवता की पूजा करते समय स्वास्तिक, कलश, नवग्रह देवता, पंच लोकपाल, षोडश मातृका और सप्त मातृका का पूजन जरूर करें।

