Vinayak Chaturthi 2021: नवरात्रि में क्‍या है भगवान गणेश की पूजा का महत्‍व, जानें अश्विन विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Vinayak Chaturthi 2021: अश्वनि मास के शुक्ल पक्ष को विनायक चतुर्थी का पर्व पड़ता है। इस बार ये 9 अक्‍टूबर को है।इस दिन गणेश जी की पूजा से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

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Vinayak Chaturthi 2021   |  तस्वीर साभार: Instagram

मुख्य बातें

  • गणेश जी के पूजन से कष्‍टों से मिलेगा छुटकारा
  • शुभ मुहूर्त पर करें पूजा भगवान होंगे प्रसन्‍न
  • विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी को लड्डुओं का लगाएं भोग

Vinayak Chaturthi 2021 Puja Vidhi, Muhurat: शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। इस बार अश्वनि मास के शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी 09 अक्टूबर 2021 दिन शनिवार को पड़ रही है। कई स्थानों पर विनायक चतुर्थी को वरद विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। चूंकि इन दिनों नवरात्रि का पर्व भी चल रहा है, ऐसे में भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से दोगुना फल प्राप्‍त होता है। तो क्‍या है विनायक चतुर्थी का महत्‍व और कैसे करें भगवान गणेश को प्रसन्‍न जानिए पूजा विधि। 

गणेश पूजन का महत्‍व 

भगवान गणेश को सभी देवों में सर्वप्रथम पूजनीय माना गया है। माह में पड़ने वाली दोनों चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित की जाती हैं। शारदीय नवरात्रि के दौरान विनायक चतुर्थी के पड़ने से व्रत का महत्‍व और अधिक हो जाता है। इस दिन व्रत व पूजन करने से जीवन में सुख-संपन्नता व सकात्मकता आती है। साथ ही भगवान गणेश भक्‍तों के सभी कष्‍टों को दूर करते हैं और उनके किसी भी कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं। गणेश जी पूजा से जातक को बुद्धि और धन की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि 

विनायक चतुर्थी के दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद भगवान गणेश के समक्ष धूप-दीप प्रज्वलित करें और व्रत का संकल्प लें इसके बाद दोपहर के समय शुभ मुहूर्त पर भगवान गणेश की प्रतिमा की स्‍थापना करें। इसके लिए चौकी पर आसन बिछाएं और चावल छिड़कें। अब भगवान गणेश को सिंदूर अर्पित करें और दीपक जलाएं। इसके बाद  'ॐ गं गणपतयै नम:' का उच्चारण करते हुए, उन्हें दूर्वा की 21 गांठे अर्पित करें। भगवान गणेश को 11 या 21 लड्डुओं का भोग लगाएं और आरती करें। इनमें से पांच लड्डू ब्राह्मण को दे दें। पांच लड्डू भगवान गणेश के समक्ष रखे रहने दें बाकी के बचे हुए प्रसाद को सभी लोगों में वितरीत कर दें। इस दौरान अथर्वशीष व गणेश स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। 

शुभ मुहूर्त 

आश्विन मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि आरंभ- 09 अक्टूबर दिन 2021 शनिवार को प्रातः 07 बजकर 48 मिनट से 
आश्विन मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि समाप्त- 10 अक्टूबर दिन 2021 रविवार को प्रातः 04 बजकर 55 मिनट पर
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 10:57 से दोपहर 01:17 मिनट तक 

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