Vastu Tips For Calender: घर पर लगा कैलेंडर साल, तारीख व समय को सूचित करता है जोकि व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। आमतौर पर सभी घरों में कैलेंडर होता है। घर की साज-सजावट में हम कई चीजों का इस्तेमाल करते हैं। घर पर पेंटिंग, फोटोफ्रेम, शोपीस और पौधे आदि चीजों का इस्तेमाल करने से घर खूबसूरत दिखता है। कई लोग सुंदर-सुंदर डिजाइन के कैलेंडर को भी घर पर लगाते हैं। लेकिन वास्तु का संबंध घर पर रखी छोटी से बड़ी चीज से होता है।
वास्तु में कैलेंडर को भी प्रगति के साथ जोड़ा गया है। जिस तरह नया साल आते ही घर के कैलेंडर बदल जाते हैं, उसी तरह कैलेंडर से हमारे जीवन पर भी कई बदलाव आते हैं। कैलेंडर का प्रभाव हमारे जीवन को प्रभावित करता है और इसके शुभ या अशुभ प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ते हैं। यदि घर पर लगा कैलेंडर वास्तु के अनुसार नहीं है तो यह तरक्की में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। इसलिए कैलेंडर लगाते समय कई बातों को ध्यान में रखना जरूरी होता है।
घर पर लगा है कैलेंडर तो इन बातों का रखें ध्यान
- पुराने कैलेंडर को घर पर लगाए रखना अशुभ बताया गया है। वास्तु के अनुसार, पुराने कैलेंडर को लगाए रखने से जीवन में तरक्की बाधित होती है और नए अवसरों की प्राप्ति नहीं हो पाती।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर पर कैलेंडर हमेशा उत्तर, पश्चिम या पूर्व दिशा की दीवार पर ही लगाएं।
- इस बात का भी ध्यान रखें कि कैलेंडर में किसी हिंसक जानवर, दुखी व उदासी वाले चेहरे की तस्वीर न हो। इससे घर पर नकारात्मकता का संचार होने लगता है।
- कैलेंडर में नदी, समुद्र, खूबसूरत जोड़े और हरियाली आदि से संबंधित तस्वीरें होना अच्छा माना जाता है।
- भूलकर भी दक्षिण दिशा में कैलेंडर नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से तरक्की रुक जाती है। माना जाता है कि इस दिशा में घर पर कैलेंडर लगाने से घर के मुखिया के स्वास्थ पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
- कैलेंडर लगाने के लिए पश्चिम दिशा को सबसे अच्छा माना गया है। क्योंकि यह दिशा बहाव की होती है। इसे दिशा में कैलेंडर होने से सभी कार्य सफल तरीके से संपन्न होते हैं।
- वास्तु के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर भी कैलेंडर नहीं लगाना चाहिए।
कैलेंडर सिर्फ साल, दिन और तारीख ही नहीं बताया बल्कि इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर भी पड़ता है। गलत दिशा और गलत तरीके का कैलेंडर लगाने ये आपके तरक्की के दुश्मन बन सकते हैं। इसलिए कैलेंडर लगाते समय ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखें।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

