Surya Mantra: सूर्य देव को प्रसन्न करना है तो इन पांच मंत्रों का हर रोज करें जाप, पूरी होगी हर मनोकामना

Surya Dev Worship: सूर्य देव की पूजा से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव एक ऐसे देवता हैं जिनके साक्षात दर्शन होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए उनके कुछ मंत्रों का जाप करना चाहिए। इसका विशेष लाभ मिलता है।

surya dev ji ke mantra, surya dev ji ke mantra hind mein
surya dev ki puja kaise kare  |  तस्वीर साभार: Instagram
मुख्य बातें
  • हिंदू धर्म में मान्यता है कि सूर्य देव की पूजा करने से डर खत्म होता है
  • ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक व्यक्ति की कुंडली में सूर्य देव शुभ फल देते हैं
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव की पूजा उदय होते ही की जाए तो उसका फल बेहद लाभकारी होता है

Surya Mantra Chanting: हिंदू धर्म में सूर्य का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिषशास्त्र में सूर्य देवता को नव ग्रहों का राजा कहा गया है। सूर्यदेव एकमात्र ऐसे देव हैं जो हमें साक्षात दर्शन देते हैं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि सूर्य देव की पूजा करने से डर खत्म होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक व्यक्ति की कुंडली में सूर्य देव शुभ फल देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव की पूजा अगर उदय होते ही की जाए तो उसका फल बेहद लाभकारी होता है। हिंदू पुराणों के अनुसार सूर्य देव की आराधना सिर्फ साधु-संतों ने ही नहीं बल्कि भगवान श्रीराम ने भी की थी। सूर्य देव को मात्र एक लोटा जल और उनके मंत्रों से ही प्रसन्न किया जा सकता है। सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए हर रविवार सूर्य मंत्र के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए। आइए जानते हैं उन मंत्रों के बारे में जिनका जाप करने से सूर्य देव प्रसन्न हो जाते हैं।

Also Read- Lalahi Chhath 2022 : ललही छठ में गाय के दूध से बनी चीजों का सेवन है वर्जित, जानिए क्या खाएं, क्या नहीं

इन मंत्रों का करें जाप
रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। ऐसे में हर रविवार को सूर्य पूजन और सूर्य का मंत्र जाप करना चाहिए। ऐसा करने से सूर्य देव हर मनोकामना पूरी करते हैं। सूर्य देव के 5 मुख्य मंत्र हैं। इन मंत्रों का जाप हर रविवार या प्रतिदिन 108 बार करना चाहिए। यह मंत्र है..

1. ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।

2. ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।

3. ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।

4. ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।

5. ऊं घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:।

Also Read- Sabudana Kheer: सावन के व्रत में खाएं साबूदाने की खीर, इस तरह तैयार करें बेहतरीन डिश

इन बातों का रखें ध्यान
इन मंत्रों का उच्चारण साफ और एकदम सही तरीके से करना चाहिए। तभी इसका फल लाभकारी होता है। सूर्य देवता की पूजा करने के लिए सूर्यादय से पहले बिस्तर छोड़ देना चाहिए। इसके बाद स्नान करके सूर्य देव को जल अर्पित करने के दौरान इन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) अब हिंदी में पढ़ें | अध्यात्म (Spirituality News) की खबरों के लिए जुड़े रहे Timesnowhindi.com से | आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए Subscribe करें टाइम्स नाउ नवभारत YouTube चैनल

Times Now Navbharat
Times now
ET Now
ET Now Swadesh
Mirror Now
Live TV
अगली खबर