अब 35 की जगह 7 हजार लोग ही करेंगे मां वैष्णो देवी के दर्शन, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सहित बने ये नए नियम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 8, 2020, 03:49 PM IST

Vaishno Devi Darshan Online Registration: अब मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा और मंदिर में भक्तों की संख्या सीमित करने सहित तमाम नए नियम बनाए जा रहे हैं।

अब 35 की जगह 7 हजार लोग ही करेंगे मां वैष्णो देवी के दर्शन, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सहित बने ये नए नियम

नई दिल्ली: कोरोना वायरस फैलने का असर इंसानी जीवन के हर पहलू पर देखने को मिल रहा है, संक्रमण को कम से कम करने के लिए तमाम तरह के एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। लॉकडाउन के समय सभी धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया था और अब इन्हें कई नियमों के साथ खोला जा रहा है। जम्मू में कटरा स्थित मां वैष्णो देवी हिंदुओं के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक हैं और यहां भारी मात्रा में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।

वायरस के संक्रमण पर लगाम के लिए यहां दर्शन के लिए आने वाले लोगों की संख्या को सीमित किया जा रहा है और इसके लिए लोगों ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। साथ ही और भी कई तरह के नियम बनाए जा रहे हैं। पहले जहां एक दिन में 35 हजार तक लोग मां वैष्णो के दर्शन कर लेते थे वहीं अब महज 5 से 7 हजार लोग ही एक दिन में दर्शन कर पाएंगे।

लॉकडाउन लगने के बाद से ही मंदिर में दर्शनों पर पाबंदी लगी है और 18 मार्च के बाद से सिर्फ पुजारी ही सुबह- शाम पूजा करने के लिए गुफा में जा रहे हैं। मंदिर को दर्शनार्थियों के लिए कब खोला जाएगा इसकी फिलहाल कोई निर्धारित तारीख तो नहीं है लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए यहां दर्शनों की प्रक्रिया पहले जैसी नहीं रहेगी। स्क्रीनिंग और तमाम तरह के एहतियाती उपायों के साथ मां के दर्शन की इजाजत होगी।

इन नियमों का करना होगा पालन:
लोगों को यहां सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए छोटे समूहों में बांटा जाएगा और एक साथ नहीं भेजा जाएगा।
थोड़े थोड़े अंतराल में ये समूह दर्शन करेंगे। पुजारी सीधे लोगों को टीका नहीं लगाएंगे।
तीन साल से छोटे और 65 साल से ज्यादा बुजुर्ग लोगों को दर्शन करने नहीं लाने की सलाह दी जाएगी।
मास्क पहनना जरूरी होगा और कई जगहों पर सैनिटाइजर की व्यवस्था होगी।



ऑनलाइन रजिस्ट्रेश: मां वैष्णोदेवी की यात्रा को लेकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जाएगी और जिनका रजिस्ट्रेशन होगा उन्हें ही दर्शन की अनुमति होगी। इसके लिए पोर्टल और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जा सकता है। लोगों को दान देने या हवन करवाने के लिए जाने की जरूरत नहीं होगी, ऑनलाइन इसके लिए व्यवस्था की जाएगी।

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