Naag panchami Date 2020: आज है नाग पंचमी, होती है 12 नाग देवताओं की पूजा, मंत्र जाप से करें प्रसन्‍न

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 25, 2020, 08:10 AM IST

Naag Panchami 2020 Date, Pooja and Mantra : सावन मास के खास त्‍योहारों में नाग पंचमी भी शामिल है। नाग पंचमी आज मनाया जा रहा है। इस मौके पर 12 नाग देवताओं को प्रसन्‍न करने का मंत्र जपें।

Naag panchami Date 2020: आज है नाग पंचमी, होती है 12 नाग देवताओं की पूजा, मंत्र जाप से करें प्रसन्‍न

Nag Panchami 2020 : सावन के महीने को भोलेनाथ श‍िव शंभू का प्र‍िय मास माना गया है। इस मास में आने वाले खास पर्वों में नाग पंचमी भी शाम‍िल है। ये त्‍योहार सावन यानी श्रावण महीने की शुक्‍ल पक्ष की पंचमी को आता है। पूरे देश में नाग पंचमी को मनाया जाता है, हालांक‍ि प्रत्‍येक क्षेत्र के अपने र‍िवाज हैं। कुछ जगहों पर नाग पंचमी का पर्व पूरे 15 तक चलता है। इस मौके पर 12 नाग देवताओं की पूजा होती है और साथ ही मंत्र जाप से उनको प्रसन्‍न भी क‍िया जाता है। 

Nag Panchami 2020 Date and Puja Muhurat Time, नाग पंचमी की तारीख, त‍िथ‍ि और  का मुहूर्त
साल 2020 में 25 जुलाई को नाग पंचमी मनाई जाएगी। हालांक‍ि पंचांग के ह‍िसाब से नाग पंचमी की तिथि 24 जुलाई को ही शुरू हो जाएगी। 

Nag Panchami 2020 Date 25 जुलाई शन‍िवार 
पंचमी तिथ‍ि आरंभ 24 जुलाई को दोपहर 2:34 बजे से शुक्रवार  
पंचमी तिथ‍ि समाप्‍त 25 जुलाई को दोपहर 12:02 बजे से शन‍िवार  

Nag Panchami 2020 Puja Time, Muhurat 

25 जुलाई को नाग पंचमी की पूजा का समय सुबह सुबह 5:54 बजे से लेकर सुबह के 8:34 बजे तक 

वहीं 25 जुलाई को नाग पंचमी की पूजा का मुहूर्त 2 घंटे और 40 मिनट का रहेगा। 

Nag Devta Pujan on Nag Panchami, क‍िन नाग देवताओं का पूजन होता है
ऐसे तो पौराण‍िक कथाओं में कई नाग देवता वर्ण‍ित हैं लेक‍िन इस पर्व पर खासतौर पर 12 नाग देवताओं की पूजा होती है। 

  1. अनंत
  2. वासुक‍ि
  3. शेष 
  4. पद्म 
  5. कंबाला 
  6. कर्ककोटक
  7. अश्‍वतारा 
  8. धृतराष्‍ट्र 
  9. शंखपाल 
  10. कालिया 
  11. तक्षक 
  12. प‍िंगाला 

Nag panchami 2018

Nag Devta Pujan Mantra on Nag Panchami, नाग पंचमी पर नाग पूजा का मंत्र 
अगर आप नाग पंचमी की पूजा कर रहे हैं तो इस मंत्र का जाप अवश्‍य करें - 
सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः।
ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥




क्‍या है इस मंत्र का अर्थ 
जो भी नाग पृथ्‍वी, आकाश, स्‍वर्ग, सूर्य की क‍िरणों, तालाब, नदी आद‍ि में वास करते हैं, हम उनको नमस्‍कार करते हैं। वे हमारी रक्षा करें। 

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