magh pradosh vrat 2022: माघ मास 2022 का पहला प्रदोष व्रत कब है, बन रहा है श‍िव पूजन का शुभ संयोग

Magh month first Pradosh Vrat 2022 Date, Time, Puja Muhurat(माघ 2022 का पहला प्रदोष व्रत कब है) : माघ माह का प्रदोष व्रत रव‍िवार के संयोग के साथ आ रहा है। प्रदोष व्रत को भोलेनाथ की व‍िशेष पूजा वाला माना जाता है। देखें कब आ रहा है ये व्रत।

Magh month first Pradosh Vrat 2022 Date, Magh month Pradosh Vrat 2022 Date, Magh month first Pradosh Vrat 2022 Date in India, Magh month first Pradosh Vrat 2022 Date in january, Magh month Pradosh Vrat 2022 kab hai, Magh month Pradosh Vrat importance
Magh month first Pradosh Vrat 2022 Date 
मुख्य बातें
  • प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है।
  • प्रदोष व्रत को भगवान शिव को समर्प‍ित माना गया है।
  • मान्‍यता है क‍ि इस व्रत को करने से सुहागन नारियों का सुहाग रहता है सदा अटल।

Magh month first Pradosh Vrat 2022 Date, Time, Puja Muhurat in India : प्रदोष व्रत का सीधा संबंध भगवान शिव से है। हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) रखा जाता है। कलयुग में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यह सर्वोत्तम उपाय है। माना जाता है क‍ि इस दिन (Pradosh Vrat 2022) विधि विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों का निवारण होता है और आरोग्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रयोदशी तिथि को प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर रचित तांडव करते हैं। 

Magh month first Pradosh Vrat 2022 Date In India, जनवरी का प्रदोष व्रत 2022 कब है

हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है। माघ पास का पहला प्रदोष व्रत 30 जनवरी 2022, रविवार को है। त्रयोदशी तिथि 29 जनवरी, शनिवार को रात 08 बजकर 37 मिनट से शुरू होकर 30 जनवरी को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी। इस व्रत (Pradosh Vrat 2022 January) का पूजा का शुभ मुहूर्त 30 जनवरी को 5:59 AM से 8:37 AM तक है।

Holi 2022 Date : होली 2022 में कब है

रविवार को प्रदोष व्रत पड़ने के कारण इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार रवि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को जीवन मे आरोग्य की प्राप्ति होती है। 

प्रदोष व्रत का महत्व, Pradosh Vrat Significance

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार प्रदोष काल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक कर विधिवत भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और कष्टों का निवारण होता है।

Basant Panchami 2022 Date, Puja Muhurat : बसंत पंचमी 2022 में कब है

महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। मान्‍यता है क‍ि इस व्रत को करने से सुहागन नारियों का सुहाग सदा अटल रहता है और शादीशुदा जीवन हमेशा खुशहाल रहता है। ध्यान रहे प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में ही करें, इस समय भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न होते हैं। जिससे भक्तों की प्रार्थनी जल्द स्वीकार होती है। आइए जानते हैं पूजा विधि।

February 2022 Vrat & Festival List: फरवरी 2022 के व्रत त्‍योहार 

Magh Pradosh vrat puja vidhi, प्रदोष व्रत की पूजा विधि

इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले स्नान आदि कर श्वेत वस्त्र धारण करें। तांबे के लोटे में अक्षत, पुष्प आदि डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान शिव औऱ माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद शिवलिंग का जलाभिषेक कर भगवान शिव और माता पार्वती विधिवत पूजा अर्चना करें और पंचामृत का भोग लगाएं। ध्यान रहे प्रदोष व्रत के दिन पूरे दिन उपवास कर सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण किया जाता है। इसलिए शाम को शिव चालीसा का पाठ कर आरती करने के बाद पारण करें।
 

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
ET Now Swadesh
Live TV
अगली खबर