Ganesh Mantra: भगवान गणेश के इस मंत्र से बनेंगे बिगड़े काम, इसके जाप से प्रसन्न होंगे बप्पा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 16, 2022, 06:08 AM IST

Lord Ganesh Mantra: पार्वती पुत्र और प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की पूजा करने से ग्रह दोष दूर होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। लेकिन यदि आपके कार्यों में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं तो इस मंत्र का जाप करने से लाभ होगा। विघ्नहर्ता गणेश की कृपा से आपके सारे बिगड़े काम बनने लगेंगे।

Ganesh Mantra: भगवान गणेश के इस मंत्र से बनेंगे बिगड़े काम, इसके जाप से प्रसन्न होंगे  बप्पा

Lord Ganesha Puja Mantra: भगवान श्री गणेश की पूजा के लिए हर दिन शुभ होता है। हिंदू धर्म में समस्त देवी-देवताओं में भगवान गणेश का स्थान सर्वप्रथम होता है। इसलिए उन्हें प्रथम पूजनीय देवता कहा जाता है और हर शुभ-मांगलिक कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। गणेशजी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है क्योंकि इनकी पूजा करने से सारे दूर हो जाते हैं। ग्रह दोषों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए भगवान गणेश के कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने लाभकारी होता है। इन मंत्रों के जाप से कार्य में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

ग्रह दोष से मुक्ति के लिए इस मंत्र का करें जाप

कई बार ऐसा होता है की कुंडली में ग्रह दोष या ग्रहों के बुरे प्रभाव के कारण भी व्यक्ति को कार्य में सफलता हासिल नहीं होती। ऐसे में व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुंडली में स्थित ग्रह दोषों को दूर करने के लिए आप भगवान गणेश की पूजा में इस मंत्र का 21 बार जाप जरूर करें।

गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।

नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।

धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।

गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम्।।

इस मंत्र के जाप से बनेंगे बिगड़े काम

यदि किसी कार्य में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही है और बार-बार उस कार्य में आपको असफलता का सामना करना पड़ रहा है तो इसके लिए बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें। इस दिन स्नान आदि करने के बाद भगवान गणेश फूल, कपूर, रोली, चंदन और इत्यादि अर्पित करें। गणेशजी को मोदक अतिप्रिय होता है इसलिए पूजा में घी, गुड़ और लड्डू के साथ मोदक का भोग भी लगाएं। पूजा में दुर्वा की 11 या 21 गांठे भगवान गणेश को चढ़ाएं और धूप-दीप जलाएं। इसके बाद ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।

 (डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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