Laxmi Ji Ki Aarti: 'ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता आरती', दिवाली पर मां लक्ष्मी इस आरती से होंगी प्रसन्न

Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi (ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता आरती): हिंदू पंचांग के अनुसार दीपावली हर साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इस दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर स्वर्ग लोक से विचरण करने के लिए आती हैं।

Laxmi Ji Ki Aarti
Laxmi Ji Ki Aarti 
मुख्य बातें
  • लक्ष्मी पूजा के दिन भगवान श्री गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
  • माता लक्ष्मी को रमा के नाम से भी पुकारा जाता है।
  • इस साल दीपावली 4 नवंबर दिन गुरुवार को मनाई जाएगी।

Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi (ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता आरती): दीपावली का त्योहार आज (चार नवंबर) मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म के अनुसार इस दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करने आती है। मां के स्वागत में लोग दीपावली से पहले ही घर की सफाई करनी शुरू कर देते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां लक्ष्मी को साफ जगह बेहद प्रसन्न है।  इस दिन लोग अपने घरों में दीया जलाकर शुभ मुहूर्त में पूजा कर उनका आवाहन करते हैं। 

दीपावली के दिन लोग मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए तरह-तरह की तैयारी करते हैं। कुछ लोग मुख्य द्वार पर रंगोली बनाते हैं, तो कुछ तुलसी से आंगन में माता के पैरों के निशान बनाकर स्वागत करते हैं। मान्यताओं के अनुसार रंगोली जिस घर में बनाई जाती है, उस घर में माता लक्ष्मी निवास करती हैं। रंगोली माता लक्ष्मी को बेहद प्रिय है। दीपावली के दिन यदि मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की भी पूजा की करने से माता बेहद प्रसन्न होती हैं।

मां लक्ष्मी की आरती (OM Jai Lakshmi Mata Maiya Jai Lakshmi Mata lyrics in hindi)

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
  ओम जय लक्ष्मी माता॥

 उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
     ओम जय लक्ष्मी माता॥

  दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
        ओम जय लक्ष्मी माता॥


तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
  ओम जय लक्ष्मी माता॥


जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
      ओम जय लक्ष्मी माता॥


तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
     ओम जय लक्ष्मी माता॥


शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
     ओम जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
   उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
        ओम जय लक्ष्मी माता॥

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जरूर गाएं ये आरती (laxmi Ji Ki Aarti)
पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काट कर अयोध्या लौटे थे। यदि आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो लक्ष्मी पूजा के बाद उनकी यह आरती जरूर गाएं। उनकी यह आरती गाने से ना केवल आपके मन को संतुष्टि मिलेगी, बल्कि माता का आशीर्वाद और नकारात्मक शक्तियों का विनाश होगा।

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