Jyeshtha Month 2022: ज्येष्ठ माह में जरूर करें ये काम, ग्रह दोषों से मिलेगी मुक्ति

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 24, 2022, 04:19 PM IST

Jyeshtha Month 2022 Grah Dosh Upay: ज्येष्ठ का महीना चल रहा है। यह महीना पूजा-पाठ के लिए उत्तम माना जाता है। इस माह किए गए कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही इस महीने कुछ कार्यों को करने से ग्रह दोष भी दूर हो जाते हैं।

Jyeshtha Month 2022: ज्येष्ठ माह में जरूर करें ये काम, ग्रह दोषों से मिलेगी मुक्ति

Jyeshtha Month 2022 Work Eliminate Grah Dosh: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ का महीना पवित्र और खास माना जाता है। 17 मई से ज्येष्ठ माह की शुरुआत हो चुकी है जोकि 14 जून तक रहेगी। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ साल का तीसरा महीना होता है। इस महीने सूर्य देव और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। सूर्य देव का तेज इस माह चरम पर होता है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। इसी महीने के हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है जिसमें हनुमानजी की पूजा की जाती है। पूजा पाठ के साथ ही दान-पुण्य के लिए भी ज्येष्ठ का महीना उत्तम होता है। अगर आप ग्रह दोष से परेशान हैं और इससे मुक्ति पाना चाहते हैं तो इस महीने कुछ उपायों को करने से कुंडली में स्थित ग्रह दोष दूर होंगे और परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। 

ज्येष्ठ माह में जरूर करें ये काम

  1. यदि कुंडली में मंगल की स्थिति कमजोर है तो ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले हर मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करें। इससे मंगल दोष दूर होगा और कष्टों से मुक्ति मिलेगी। क्योंकि यह माह हनुमान जी की पूजा के लिए सबसे खास माना जाता है। कहा जाता है कि इसी महीने हनुमानजी और भगवान श्री राम मिले थे।
  2. ज्येष्ठ माह में तिल का दान सबसे उत्तम माना जाता है। इस माह तिल का दान करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है।
  3. ज्येष्ठ माह में भूलकर भी देर तक ना सोएं। इन दिनों सूर्योदय से पहले बिस्तर छोड़ देना चाहिए और स्नान आदि के बाद सूर्यदेव को तांबे के कलश में रोली, अक्षत, लाल फूल डालकर अर्घ्य दें। ऐसा करने से नौकरी व्यापार से जुड़ी परेशानियां दूर होती है।
  4. इस माह प्यासे लोगों को पानी पिलाने से व्यक्ति पुण्य का भागी बनता है। इन कार्यों का शुभ फल व्यक्ति को पूरे साल मिलता है, जिससे उसे हर कार्य में सफलता हासिल होती है।
  5. ज्येष्ठ माह में सूर्य के तेज से भीषण गर्मी और गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे बेजुबान पशु-पक्षी को प्यास ज्यादा लगती है। इसलिए घर या छत पर उनके लिए पानी की व्यवस्था जरूर करें। इससे बुध और शनि ग्रह दोष समाप्त होते हैं।

ज्येष्ठ माह के दौरान इन कार्यों को करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति तो होती ही है और कुंडली में चल रहे सभी तरह के ग्रह दोष भी दूर होते हैं।  

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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