Ganeshotsav 2022 Bhajan: बप्पा की भक्ति में होना चाहते हैं मगन, तो सुनिए ये मधुर भजन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 1, 2022, 02:31 PM IST

Ganeshotsav 2022 Bhajan: गणेश महोत्सव के दौरान हर दिन सुबह स्नानादि के बाद और शाम को सूर्यास्त के बाद गणेश की आराधना की जाती है। उनकी आरती की जाती है और मंत्रों का उच्चारण भी किया जाता है। भगवान गणेश की पूजा के समय आप उनके भजन भी सुन सकते हैं।

Ganeshotsav 2022 Bhajan: बप्पा की भक्ति में होना चाहते हैं मगन, तो सुनिए ये मधुर भजन

Ganeshotsav 2022 Bhajan: आज देशभर में भगवान गणेश को समर्पित गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। शास्त्रों के जानकारों का कहना है कि भाद्र शुक्ल पंचमी को भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। इसलिए इस दिन गणेश भगवान अपने भक्तों के बीच आते हैं और अनंत चतुर्दशी तक उनके साथ रहते हैं। दस दिन की इस अवधि को गणेश महोत्सव कहा जाता है, जिसमें गणपति को प्रसन्न करने के लिए उनकी विधिवत पूजा की जाती है। भगवान गणेश को लड्डू और मोदक बहुत प्रिय है, इसलिए उन्हें इन चीजों का भोग भी लगाया जाता है।

जय गणेश काटो कलेश

विघ्न हरण, मंगल करण,
गौरी सुत गणराज,
मैं लियो आसरो आपको, 
रखियो म्हारी लाज। 


जय गणेश जय जय गणेश,
जय गणेश जय जय गणेश। 
जय गणेश काटो कलेश,
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश हितकारी,
विघ्न विनाशन नाथ प्रथम,
विघ्न विनाशन नाथ प्रथम,
पूजा हो सदा तुम्हारी,
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश जय जय गणेश,
जय गणेश जय जय गणेश। 
जय गणेश काटो कलेश,
जय गणेश, काटो कलेश। 












वक्रतुण्ड है महाकाय 
श्री गजानंद लम्बोदर, 
सदा लक्ष्मी संग आपके, 
रहती है विघ्नेश्वर, 
जो भी ध्यान धरे नित तुमरो,
नर हो चाहे नारी,
उसके सारे कष्ट मिटे,
पल में भारी से भारी, 
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश जय जय गणेश,
जय गणेश जय जय गणेश। 
जय गणेश काटो कलेश,
जय गणेश, काटो कलेश। 












सिद्धि विनायक देवा,
कृपा करो हे देवा,
रिद्धि सिद्धि नित आठों पहर,
प्रभु तुझको चँवर ढुलावे,
गजानंद करुणावतार,
सब नाम तुम्हारा गावे,
पहले पूजन किसका, हो जब,
उठी समस्या भारी,
श्री गणेश जी प्रथम पूजते,
आप बने अधिकारी, 
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश जय जय गणेश,
जय गणेश जय जय गणेश। 
जय गणेश काटो कलेश,
जय गणेश, काटो कलेश। 














विघ्न विनाशन हार प्रभु, 
सिद्धि विनायक कहलाते, 
मेवा मिश्री और मोदक, 
का निसदिन भोग लगाते, 
एकदन्त गजबदन विनायक, 
महिमा तेरी भारी, 
मस्तक पर सिन्दूर बिराजे, 
मुसक की असवारी, 
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश जय जय गणेश,
जय गणेश जय जय गणेश। 
जय गणेश काटो कलेश,
जय गणेश, काटो कलेश। 












सिद्धि विनायक देवा,
कृपा करो हे देवा,
प्रथम आपको जो ध्याए, 
सब काम सफल हो जाए,
कभी विघ्न और बाधा, 
शर्मा पास ना उसके आए,
जिस प्राणी पर दया दृष्टि 
हो जाए प्रभु तुम्हारी,
लक्खा उसकी करते, 
मेरे बाबा डमरूधारी, 
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश हितकारी,
जय गणेश जय जय गणेश,
जय गणेश जय जय गणेश। 
जय गणेश काटो कलेश,
जय गणेश, काटो कलेश। 














गणेश महोत्सव के दौरान हर दिन सुबह स्नानादि के बाद और शाम को सूर्यास्त के बाद गणेश की आराधना की जाती है। उनकी आरती की जाती है और मंत्रों का उच्चारण भी किया जाता है। भगवान गणेश की पूजा के समय आप उनके भजन भी सुन सकते हैं। भगवान गणेश की पूजा के समय उनके भजन सुनकर आपके मन को शांति मिलेगी और आप आध्यात्म की गहराई को समझ पाएंगे।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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