दशहरा 2020 कब है? जानिए विजय दशमी त्योहार की तिथि, मुहूर्त और कथा

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। साल 2020 में यह पर्व 25 अक्टूर को मनाया जाने वाला है। जानिए तिथि मुहूर्त और विजयदशमी से जुड़ी कथा।

Dussehra 2020
दशहरा 2020  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • 25 अक्टूबर 2020 को मनाया जाएगा विजयदशमी का पर्व
  • बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है यह त्यौहार
  • जानिए दशहरा 2020 की तिथि, मुहूर्त और कथा

मुंबई: दशहरा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (दसवीं तिथि) को मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। कुछ जगहों पर त्योहार को विजयदशमी के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यह देवी विजया के साथ जुड़ा हुआ है। कुछ लोग इस त्योहार को आयुध पूजा के नाम से भी जानते हैं।

दशहरा (Dussehra Muhurat) मुहूर्त के बारे में कुछ खास बातें:

1. दशहरा, अश्विन काल के दौरान आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। यह काल उस समय की अवधि है जो सूर्योदय के बाद दसवें मुहूर्त से शुरू होता है और बारहवें मुहूर्त से पहले समाप्त होता है।
2. यदि दशमी 2 दिनों तक है तो दशहरा दूसरे दिन ही मनाया जाएगा।
3. यदि दशमी 2 दिनों के अपरान्ह काल के दौरान है, तो दशहरा पहले दिन ही मनाया जाएगा।
4. यदि दशमी 2 दिनों तक है, लेकिन किसी दिन के अपरान्ह काल में नहीं पड़ती तो पहले दिन दशहरा उत्सव मनाया जाएगा।

दशहरा / विजयदशमी तिथि (Dussehra/ Vijayadashami 2020 Date or Tithi)

साल 2020 में पार्श्व या परिवर्तिनी एकादशी 30 अगस्त, रविवार को आ रही है। मुहूर्त का कुल समय 2 घंटे 33 मिनट का है।

दशहरा मुहूर्त:
25 अक्टूबर को 01:57 बजे से 02:42 बजे तक।

दशहरा अपर्णा मुहूर्त (Dussehra Aparna Muhurat ):
01:12 बजे से 03:27 बजे तक।

दशहरा से जुड़ी कथा (Dussehra Vijayadashami Story):

मान्यताओं के अनुसार, त्योहार का नाम दशहरा पड़ा क्योंकि इस दिन भगवान राम ने इस दिन दस सिर वाले राक्षस रावण का वध किया था। तब से, 10 सिर वाले रावण के पुतले जलाए जाते हैं, ये सिर वासना, क्रोध, लालच, भ्रम, नशा, ईर्ष्या, स्वार्थ, अन्याय, अमानवीयता और अहंकार की अभिव्यक्ति के तौर पर जाने जाते हैं।

एक अन्य किंवदंती में कहा जाता है कि जब भगवान राम ने युद्ध के लिए लंका की ओर अपनी यात्रा शुरू की थी, तो शमी वृक्ष ने प्रभु की जीत की घोषणा की थी।

जो लोग इस त्योहार के असली स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, उन्हें मैसूर की यात्रा करनी चाहिए। मैसूर दशहरा महोत्सव भव्य आयोजन के लिए प्रसिद्ध है। दशहरा के दिन से, लोग दीपावली त्योहार के लिए अपनी तैयारियों में तेजी लाते हैं।

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