Chanakya Niti: इन लोगों से रहना चाहिए दूर, करेंगे मित्रता तो बदले में मिलेगा सिर्फ धोखा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 29, 2022, 06:10 AM IST

Chanakya Niti in Hindi: नीति शास्‍त्र में आचार्य चाणक्‍य ने जीवन को आसान बनाने और मुसीबतों से बचने के कई आसान तरीके बताए हैं। आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि जीवन में दोस्‍ती का बहुत महत्‍व होता है। इसलिए दोस्‍त का चुनाव करते समय सावधानी बरतें। अगर दोस्‍त गलत निकल गया तो जीवन बर्बाद कर सकता है।

Chanakya Niti: इन लोगों से रहना चाहिए दूर, करेंगे मित्रता तो बदले में मिलेगा सिर्फ धोखा
Photo Credit: Representative Image

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्‍य दुनिया के महान अर्थशास्‍त्री, कूटनीतिज्ञ और मार्गदर्शकों में से एक थे। इन्‍होंने अपने नीतिशास्‍त्र में मनुष्‍य के व्‍यवहारिक जीवन के बारे में कई अहम बातें बताई हैं। इन बातों की प्रांसगिकता व महत्‍व आज भी लोगों के जीवन में बनी हुई हैं। इनमें बताए गए उपायों को अपना कर कोई भी व्‍यक्ति कई तरह की समस्‍याओं व मुसीबतों से खुद को बचा सकता है। आचार्य चाणक्‍य ने लोगों को सजग करते हुए दोस्‍ती करते हुए कुछ बातों का ध्‍यान रखने की सलाह दी है। चाणक्‍य ने तीन लोगों से कभी दोस्‍ती नहीं करने को कहा है।

ज्‍यादा मीठा बोलने वाले लोग

आचार्य चाणक्‍य का मानना है कि लोगों को हमेशा ऐसे व्‍यक्ति से दूर रहना चाहिए जो जरूरत से ज्‍यादा मीठा बोलता हो। ऐसे लोग सिर्फ अपना उल्‍लू सीधा करने के लिए इस तरह की भाषा का उपयोग कर जी-हुजूरी या चमचागीरि करते रहते हैं। ऐसे लोग मौका मिलने पर किसी को भी धोखा देने से पीछे नहीं हटते। इन लोगों से दोस्‍ती हमेशा ही नुकसान दायक होती है। इसलिए इनसे हमेशा दूरी बनाकर रहनी चाहिए।

सब्‍जबाग दिखाने वाले लोग

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि ऐसे लोगों से भी हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो बड़े-बड़े वादे कर सब्‍जबाग दिखाते हैं। ऐसे लोग सिर्फ बातों तक ही सीमित होते हैं, जरूरत पड़ने पर कभी भी काम नहीं आते। मुसीबत के वक्‍त ऐसे लोग सबसे पहले छोड़कर भागते हैं। ये लोग सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कर अपना काम निकलवाने के चक्‍कर में होते हैं। इन पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए।

छल करने वाले लोग

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि छल करने वाले धूर्त लोग सबसे शातिर होते हैं, ऐसे लोगों को पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है। ये लोग आपके सबसे बड़े शुभचिंतक बनकर आपसे प्रेमपूर्वक व्‍यवहार करते है,  लेकिन मौका मिलते ही पीठ में छूरा घोंपने को हमेशा तैयार रहते हैं। इस स्‍वभाव के लोग हमेशा पीठ पीछे बुराई करने में जुटे रहते हैं। ऐसे लोगों को पहचानें और उनसे तुरंत दूरी बनाएं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

End of Article