Cow Worship: जानिए क्यों पहली रोटी गौ माता के लिए निकालनी चाहिए, मिलते हैं कई लाभ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 1, 2022, 05:46 PM IST

First Bread For Cow Benefits: हिंदू धर्म में मान्यता है कि गाय को हमेशा पहली रोटी खिलानी चाहिए, इससे अपार फल मिलता है और घर में सुख शांति समृद्धि आती है। इसके साथ ही गाय को खाली रोटी नहीं देनी चाहिए रोटी के साथ चीनी या गुड़ जरूर देना चाहिए।

Cow Worship: जानिए क्यों पहली रोटी गौ माता के लिए निकालनी चाहिए, मिलते हैं कई लाभ
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First Bread For Cow Benefits: हिंदू धर्म में गाय की काफी मान्यता है। गाय को माता का दर्जा दिया गया है। पुराणों में भी धर्म को गौ रूप में दर्शाया गया है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि गौ माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास होता है, इसलिए उनको प्रसन्न करने के लिए गौ माता की सेवा की जाती है। हिंदू मान्यता के अनुसार पहली रोटी जब बनती है तो हम गाय माता को खिलाते हैं। वैसे तो सभी भूखे प्यासे प्राणियों को भोजन और पानी देना पुण्य का काम होता है, लेकिन गाय को पहली रोटी खिलाने से पुण्य के साथ-साथ और भी कई लाभ मिलते हैं। कहा जाता है कि गाय में लक्ष्मी जी का वास होता है। आइए जानते हैं गाय को पहली रोटी खिलाने से क्या लाभ होता है।

गाय को लेकर भी हिंदू धर्म में ऐसी पौराणिक मान्यता है कि घर में बनी पहली रोटी को गाय को जरूर खिलानी चाहिए। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक खाना बनाते वक्त हमेशा पहली रोटी गाय के लिए बनानी चाहिए। इसके बाद ही परिवार के सदस्यों को खानी चाहिए। 

रोटी के साथ ये भी खिलाएं

गाय को पहली रोटी देते वक्त कोशिश करनी चाहिए कि गाय की उस रोटी में थोड़ी हल्दी भी मिली हो। इससे गाय को रोटी खिलाने का अपार फल मिलता है। गुरुवार को सने हुए आटे की लोई बनाकर उसमें हल्दी मिलाकर भी गाय को खिलाने से जीवन में आपार सफलता मिलती है। ध्यान रखें कि गाय को कभी भी सूखी रोटी ना खिलाएं। आप रोटी के बीच थोड़ी सी चीनी या गुड़ रखकर ही गाय खिलाएं।

अगर मिठाई है तो वह भी रोटी के साथ दे सकते हैं। ऐसा करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि बैठी हुई गाय को रोटी और गुड़ खिलाना ज्यादा शुभ रहता है। अगर कोई व्यक्ति बहुत अधिक दान—धर्म नहीं कर पाता तो गाय को रोटी खिलाने मात्र से उसे सारे पुण्य प्राप्त हो जाते हैं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।) 

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