अध्यात्म

Aaj ka iftar ka Time kya hai: आज रोजा कितने बजे खुलेगा, 25 फरवरी को इफ्तार का टाइम क्या है, कितने बजे पढ़ी जाएगी फज्र की नमाज?

Aaj ka iftar ka Time kya hai, आज का इफ्तार का टाइम क्या है? 25 February 2026: Aaj Roja Iftar Kitne Baje hai: आज रमजान का सातवां रोजा है और आज रोजा खोलने का समय क्या है, ये आपको यहां से पता चलेगा। साथ ही यहां इफ्तार करने का समय भी बताया गया है।

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आज 25 फरवरी 2026 इफ्तार का टाइम क्या है (pc: canva)

Aaj ka iftar ka Time kya hai, आज का इफ्तार का टाइम क्या है? 25 February 2026: Aaj Roja Iftar Kitne Baje hai, 1st day of Ramazan Month: रमज़ान का महीना बहुत बरकतों वाला माना जाता है। इसे रहमत (मेहरबानी), मग़फिरत (गुनाहों की माफी) और जहन्नम से निजात का महीना कहा जाता है। माना जाता है कि रोज़ा रखने वाले की दुआ इफ्तार के समय खास तौर पर कबूल होती है। इसलिए जब रोज़ा खोलें, तो अल्लाह का शुक्र अदा करें और अपने लिए, अपने परिवार के लिए और पूरी उम्मत के लिए दुआ करें। यहां आप आज रोज़े का इफ्तार समय जान सकते हैं। साथ ही इफ्तार की दुआ, रोज़े की नियत और उससे जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी भी पा सकते हैं।

आज का इफ्तार कितने बजे है, शहर अनुसार समय (Roza Iftar Timing Today)-

दिल्ली6:16 PM
नोएडा 6:03 PM
लखनऊ6:15 PM
पटना 5:46 PM
हैदराबाद6:18 PM
मुंबई6:21 PM
जयपुर5:45 PM
पुणे6:17 PM
बेंगलुरू6:27 PM
इंदौर5:40 PM
बनारस6:27 PM

इफ्तार करने की दुआ, रोजा खोलने की दुआ हिंदी में (Roza Kholne Ki Dua in Hindi)-

अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु,व-बिका आमन्तु,व-अलयका तवक्कालतू,व अला रिज़किका अफतरतू।

अर्थ- हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया और तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोजी से रोज़ा खोला।

इफ्तार की दुआ इंग्लिश में (Roza Kholne Ki Dua in English)-

Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizq-ika-aftartu

Meaning- O Allah! I fasted for You, I believe in You, I trust in You and with Your sustenance I break my fast.

अरबी में रोज़ा खोलने की दुआ (Roza Kholne Ki Dua in Arabic)-

اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ

रोज़ा खोलने की नियत-

इफ्तार के दौरान रोज़ा खोलने की नियत की जाती है, जिसमें रोज़ेदार अल्लाह की रज़ा के लिए खास दुआ पढ़ता है और रोज़ा खोलता है। यह नियत पहले से नहीं की जाती, क्योंकि अगर कोई व्यक्ति इफ्तार से पहले ही रोज़ा खोलने की नियत कर ले, तो उसका रोज़ा अमान्य हो सकता है और पूरे दिन की इबादत व्यर्थ हो जाती है। इसलिए, सही तरीका यह है कि रोज़ा खोलते समय ही नियत की जाए और इफ्तार की दुआ पढ़कर रोज़ा खोला जाए, ताकि अल्लाह की रहमत और बरकत प्राप्त हो सके।

इफ्तार करने का तरीका-

सूर्य ढलते ही यानी मग़रिब की अज़ान होते ही इफ्तार करना सुन्नत है और समय पर करना ज़रूरी है। सुन्नत का पालन करते हुए खजूर या सादे पानी से रोज़ा खोलना सबसे बेहतर माना गया है। बिस्मिल्लाह पढ़ें और रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ें- 'अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु, व बिका आमन्तु, व अलैका तवक्कल्तु, व अला रिज़्किका अफ़्तरतु'। इफ्तार के समय ही रोज़ा खोलने की नियत (इरादा) करनी चाहिए। फिर फल, शरबत जैसा हल्का भोजन ही करना चाहिए। इफ्तार के तुरंत बाद या थोड़ी देर बाद ही मग़रिब की नमाज़ अदा करना चाहिए।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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