आज का पंचांग (9 December 2025): आज मार्गशीर्ष कृष्ण पंचमी दोपहर 2 बजकर 28 मिनट तक रहेगी, फिर षष्ठी लग जाएगी। नक्षत्र अश्लेशा 10 दिसंबर सुबह 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा कर्क राशि में 10 दिसंबर सुबह 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगा, उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। योग इंद्र दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:02 से 10 दिसंबर सुबह 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगा । यह बहुत शुभ योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 2 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 25 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा रात 10 बजकर 10 मिनट पर उदय होगा और 10 दिसंबर सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 22 मिनट 15 सेकंड और रात की 13 घंटे 38 मिनट 25 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण पंचमी दोपहर 2:28 तक, फिर कृष्ण षष्ठी। नक्षत्र अश्लेशा 10 दिसंबर सुबह 2:22 तक, फिर मघा। करण तैतिल दोपहर 2:28 तक, फिर गर 10 दिसंबर सुबह 2:00 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत), मार्गशीर्ष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 24।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक), अयन दक्षिणायन।
9 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:13 से 6:08 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:41 से 7:02 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:53 से दोपहर 12:34 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:57 से 2:39 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:22 से 5:49 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:25 से 6:46 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:02 से 10 दिसंबर सुबह 2:22 बजे तक (हर शुभ कार्य के लिए उत्तम)
9 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 2:49 से 4:07 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:38 से 10:56 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:14 से 1:31 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:07 से 9:48 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 3:24 से 4:58 बजे तक और रात 10:52 से 11:47 बजे तक
- बाण: रज – सुबह 7:11 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में आनंद 10 दिसंबर सुबह 2:22 तक, फिर कालदण्ड। तमिल योग में सिद्ध 10 दिसंबर सुबह 2:22 तक, फिर मरण। जीवनम में निर्जीव, नेत्रम में दो नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति गुरु को। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास दोपहर 2:28 तक पृथ्वी में, फिर आकाश में। चंद्र वास 10 दिसंबर सुबह 2:22 तक उत्तर में, फिर पूर्व में। शिववास दोपहर 2:28 तक नंदी पर, फिर भोजन में। राहु वास पश्चिम, कुंभ चक्र गर्भ में।
