आज एकादशी है क्या 13 फरवरी 2026, आज कौन सा व्रत है, आज कौन सी एकादशी है, आज की एकादशी का नाम
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Feb 13, 2026, 05:08 AM IST
Aaj Ekadashi Hai Kya 13 February 2026, (Is Ekadashi Today) Aaj kaun si Ekadashi hai: 13 फरवरी 2026 को शुक्रवार है। यह दिन पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की ग्यारस तिथि के साथ आरंभ हुआ है। इस वजह से आज एकादशी का व्रत रखा जा रहा है जो कि भगवान विष्णु की कृपा के लिए रखा जाता है। यहां देखें कि आज कौन सी एकादशी है, आज की एकादशी का क्या नाम है - आदि की जानकारी।
आज 13 फरवरी 2026 की एकादशी का नाम (Pic: Pinterest)
Aaj Ekadashi Hai Kya 13 February 2026, (Is Ekadashi Today) Aaj kaun si Ekadashi hai: अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आज 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार है। पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की ग्यारस की तिथि है। इस के अनुसार आज 13 फरवरी 2026 को विजया एकादशी का व्रत मनाया जा रहा है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की यह एकादशी 'विजया' नाम से जानी जाती है, जिसका अर्थ विजय यानी सफलता, सिद्धि और सभी बाधाओं पर जय से जुड़ा हुआ है।
आज 13 फरवरी 2026 की एकादशी का नाम
आज 13 फरवरी 2026 को विजया एकादशी का व्रत है जो कि हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत माना गया है। परम्परा के अनुसार इस दिन का व्रत व्यक्ति को मानसिक, भावनात्मक और जीवन के हर क्षेत्र में विजय दिलाने का प्रतीक माना जाता है। पुराणों में इसका विशेष महत्व बताया गया है कि भगवान श्रीराम ने भी लंका विजय के पूर्व इस व्रत का पालन किया था, जिससे उन्हें विजय और लक्ष्य की सिद्धि प्राप्त हुई।
विजया एकादशी 2026 कब से कब तक है
द्रिक पंचांग एवं प्रामाणिक ज्योतिष गणना के अनुसार इस वर्ष विजया एकादशी की तिथि 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12:22 बजे से आरंभ होकर आज 13 फरवरी 2026 को दोपहर 02:25 बजे तक रहेगी। इसका मतलब है कि आज दिन भर यह पवित्र तिथि व्याप्त है। यह ध्यान देना आवश्यक है कि तिथि सूर्योदय से पूर्व प्रारंभ होकर दूसरे दिन दोपहर तक जारी रहती है, इसलिए व्रत और पूजा का प्रारंभ आज सुबह से किया जा सकता है।
क्या विजया एकादशी 2026 का पारण आज होगा
विजया एकादशी का व्रत आज के दिन सूर्यास्त तक नहीं तोड़ा जाता, बल्कि इसका पारण द्वादशी तिथि में करते हैं। ऐसे में विजया एकादशी का पारण का शुभ समय सुबह 14 फरवरी 2026 को सुबह 07:00 बजे से लेकर 09:14 बजे तक मना गया है। यदि पारण इस समय में न हो, तो द्वादशी तिथि समाप्त होने तक (दोपहर तक) ही करना चाहिए।
आज 13 फरवरी 2026 को विजया एकादशी का व्रत कैसे करें
व्रत के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और साफ, सात्विक वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में या भगवान विष्णु के चित्र/प्रतिमा के सामने घी या तेल का दीपक जलाकर श्रद्धा से पूजा आरंभ करें। तुलसी दल, पीले पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या श्रद्धापूर्वक ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। दिनभर मन, वचन और कर्म से संयम रखें, नकारात्मक विचारों से दूर रहें और भक्ति-भाव में समय बिताएं। एकादशी केवल भोजन त्याग का नाम नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन और ईश्वर से जुड़ने का पावन अवसर है। सच्चे मन और विश्वास के साथ रखा गया यह व्रत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई आशा का संचार करता है।
विजया एकादशी का धार्मिक महत्व
इस व्रत का नाम विजया इसलिए पड़ा कि यह व्यक्ति की मनोवांछित सफलता और विभिन्न बाधाओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति को दर्शाता है। अध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह व्रत आत्म-नियंत्रण, भक्ति और संयम का प्रतीक है। जो भक्त इस दिन शुद्ध मन से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत आराधना करते हैं, उन्हें जीवन में सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग मिलता है।
कथाओं में वर्णित है कि भगवान विष्णु की पूजा, व्रत कथा का पाठ, व्रत के नियमों का पालन और विशेष दान तथा सेवा कार्य करने से व्यक्ति को न केवल सांसारिक बल्कि आध्यात्मिक विजय भी प्राप्त होती है।
