Marine Archaeology: रोमांच और एडवेंचर से भरपूर है मरीन आर्कियोलॉजिस्ट का करियर ऑप्‍शन, जानें कोर्स व सैलरी

Career in Marine Archaeology: अगर आप एडवेंचर के दीवाने और समंदर की गहराईयों में उतर कर छिपी हुई चीजों को खोजना चाहते हैं तो मरीन आर्कियोलॉजी का कोर्स कर सकते हैं। यहां पर भरपूर कमाई के साथ रोमांचक जीवन जीने का मौका मिल सकता है।

Career in Marine Archaeology
मरीन आर्कियोलॉजिस्ट में कोर्स और करियर ऑप्‍शन   |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • रोमांच और एडवेंचर से भरपूर है यह करियर ऑप्‍शन
  • मरीन आर्कियोलॉजी करते हैं समुद्र में इतिहास की खोज
  • 12वीं के बाद कर सकते हैं मरीन आर्कियोलॉजी का कोर्स

Marine Archaeology: युवाओं के लिए आज के समय में करियर और जॉब ऑप्‍शन की कमी नहीं है, लेकिन इनमें से कुछ ऐसे ऑप्‍शन होते हैं, जो हर युवा को अपनी तरफ लुभाते हैं। इनमें से ही एक है मरीन आर्कियोलॉजी का करियर। अगर आप एडवेंचर के दीवाने और समंदर की गहराईयों में उतर कर छिपी हुई चीजों को खोजना चाहते हैं तो यह बेस्‍ट करियर ऑप्‍शन बन सकता है। यहां पर भरपूर कमाई के साथ रोमांचक जीवन जीने का मौका मिल सकता है। मरीन आर्कियोलॉजी की इन खूबियों के कारण ही कई युवा इस फील्ड को पसंद कर रहे हैं।

जानें, मरीन आर्कियोलॉजी को

मरीन आर्कियोलॉजी में समुद्र की गहराई में दबे ऐतिहासिक चीजों की खुदाई होती है। पानी के नीचे मिले इन अवशेषों के द्वारा मानव जीवन के इतिहास, व्यवहार और संस्कृति का अध्ययन किया जाता है। मरीन आर्कियोलॉजिस्ट का कार्य सभी तरह के वाटर रिसोर्सेज के नीचे दबे अवशेषों, भवनों या खंडहरों का पता लगाकर उनका साइंटिफिक अध्ययन करते हैं। ऐतिहासिक विरासत की खोज के लिए अब भारत सरकार भी मरीन आर्कियोलॉजी में रिसर्च को बढ़ावा दे रही है। इस कड़ी में गुजरात के सौराष्ट्र तट पर देश का पहला नेशनल मेरीटाइम हेरिटेज म्यूजियम स्थापित किया जा रहा है।

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ऐसे बन सकते हैं मरीन आर्कियोलॉजिस्ट

मरीन आर्कियोलॉजिस्ट से संबंधित ग्रेजुएशन कोर्स करने के लिए साइंस सब्जेक्ट्स के साथ 12वीं पास होना अनिवार्य है। वहीं इस फील्ड में पोस्ट ग्रेजुएशन व डिप्‍लोमा कोर्स करने के लिए ग्रेजुएशन में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने आवश्‍यक है। इसमें कुछ प्रमुख कोर्स बीए इन इंडियन हिस्ट्री, कल्चर एंड आर्कियोलॉजी, आर्कियोलॉजी एंड म्यूजियोलॉजी, एमए इन आर्कियोलॉजी, एन्शिएंट इंडियन हिस्ट्री एंड आर्कियोलॉजी, आर्कियोलॉजी और डिप्‍लोमा कोर्स में डिप्लोमा इन इंडियन आर्कियोलॉजी और पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा इन आर्कियोलॉजी कोर्स शामिल है।

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मरीन आर्कियोलॉजिस्ट में जॉब स्कोप

देश में अंडर वॉटर रिसर्च के साथ टूरिज्म का भी विकास हो रहा है, जिससे इस फील्‍ड में रोजगार के ऑप्‍शन बढ़ रहे हैं। इस समय कई सरकारी व प्राइवेट संस्‍थान आर्कियोलॉजिस्ट की सेवाएं ले रहे है। वहीं टीचिंग में रुचि रखने वाले उम्मीदवार विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में लेक्चरर की जॉब पा सकते हैं। मरीन आर्कियोलॉजी का कोर्स पूरा कर छात्र आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, नेशनल म्यूजियम, इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च, प्राइवेट म्यूजियम्स, कल्चरल गैलरीज में अच्‍छी जॉब हासिल कर सकते हैं।

सैलरी पैकेज

मरीन आर्कियोलॉजिस्ट अपनी करियर की शुरूआत में औसतन 4 से 5 लाख रुपये का सालाना पैकेज हासिल कर सकते हैं। वहीं अनुभव के बाद मरीन आर्कियोलॉजिस्ट की सैलरी 6 से 8 लाख रुपये तक सालाना हो सकती है। वहीं सरकारी विभाग में सैलरी वहां के पे स्‍केल के अनुसान मिलते हैं।

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