Prayagraj News: मास्क ना पहनने की सजा, 5,000 से ज्यादा लोगों को भरना पड़ा फाइन

Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मास्क ना पहनेन वाले करीब 5,000 से भी ज्यादा लोगों का पुलिस ने चालान काट लिया। पुलिस के मुताबिक 4 लाख से भी ज्यादा फाइन वसूला गया।

people fined for not wearing mask
मास्क ना पहनने वालों का कटा चालान 

मुख्य बातें

  • प्रयागराज में कोविड 19 के मरीजों की संख्या में इजाफा
  • मास्क ना पहनने वालों पर प्रयागराज में सख्त कार्रवाई
  • करीब 5 हजार से भी ज्यादा लोगों का कटा चालान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए सख्ती से सरकारी गाइडलाइंस का पालन किया जा रहा है। मास्क ना पहनने वालों को स्थानीय प्रशासन जुर्माना भरने पर मजबूर कर रहा है। स्थानीय पुलिस ने मास्क ना पहनने वाले करीब 5,000 लोगों की पहचान की और रविवार को उन सबसे करीब 4.84 लाख जुर्माना वसूल किया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब पब्लिक प्लेस में मास्क ना पहनने वाले 5000 से ज्यादा लोगों का चालान काटा गया। पुलिस ने बताया कि नियम कानून का उल्लंघन करने पर उनसे करीब 4.84 लाख रुपए का चालान काटा गया। रविवार को इसके अलावा जिले में करीब 14,000 वाहनों की भी जांच की गई। 

रविवार को मार्केट, मॉल्स, सिविल लाइन्स की कई दुकानें, चौक, धूमनगंज, मुट्ठीगंज, अशोक नगर और कटरा की कई दुकानें भी बंद थी। कोरोना वायरस के कारण जारी प्रतिबंधों के कारण इन सभी जगहों की दुकानें बंद रही। केवल जरूरी सामान जैसे ग्रॉसरी, दूध और दवाइयों की दुकानें खुली रहीं। पुराने शहर में हालांकि भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी लेकिन बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क पहने शहर में घूमते पाए गए। इसके बाद प्रयागराज नगर निगम ने पूरे मार्केट और लोकल एरिया को सैनिटाइज किया।

212 क्रॉसिंग्स और अन्य कई स्थानों पर पुलिस ने ट्रैफिक को कंट्रोल करने का काम किया। इसी बीच ट्रेडर्स असोसियेशन ने भी कहा है कि वे अपने दुकानों में बिना मास्क वालों को प्रवेश की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने दुकानों और मार्केट को सैनिटाइज करेंगे और अपने स्टाफ को भी हमेशा मास्क पहनने की सलाह देंगे। 

सिविल लाइंस व्यापार मंडल के प्रेसीडेंट सुशील खरबंदा ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामले ने शहर की चिंता बढ़ा दी है। हमारी सरकार से अनुरोध है कि बिना लक्षण वाले कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दे दें ताकि अस्पताल में बिस्तर की कमी से वे वंचित ना रह जाएं। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने पहले से ही ऐसे मरीजों को होम क्वारंटाइन में रहने की अनुमति दे दी है। 


 

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