घोड़ा अपनी रफ्तार के लिए जाना जाता है। घोड़ों को तेज दौड़ते देख ऐसा लगता है कि इन्हें कोई भी जानवर नहीं हरा सकता। स्पीड और स्टैमिना का जबरदस्त कॉम्बो लिए घोड़ा सबसे तेज दौड़ने वाले जानवरों में से एक है।
अगर ऐसे में कोई ये कहे कि घोड़ा और शुतुरमुर्ग के बीच रेस कराई जाए और देखा जाए कि जीत किसकी होगी, तो यह कितना दिलचस्प होगा। आज हम आपको इसी बारे में बताएंगे कि अगर घोड़ा और शुतुरमुर्ग के बीच रेस हुई तो कौन जीतेगा।
दरअसल, इन दोनों के रेस में जीत कई चीजों पर निर्भर करती है। अगर स्प्रिंट रेस हुई तो घोड़ा बाजी मार ले जाएगा क्योंकि एक घोड़े की टॉप स्पीड 80–88 km/h तक हो सकती है और एक शुतुरमुर्ग की टॉप स्पीड 70 km/h होती है।
यदि रेस लंबी दूरी की है और बहुत गर्म मौसम में या उबड़-खाबड़ रास्तों में या फिर रेगिस्तान जैसे इलाकों में होती है, तो यहां पर शुतुरमुर्ग जीत सकता है क्योंकि शुतुरमुर्ग इन सभी बैरियर्स के बावजूद भी तेज दौड़ता है।
जबकि घोड़ा सीधे ट्रैक पर तेज दौड़ता है, लेकिन अगर रास्ते खराब हों या फिर तापमान ज्यादा हो, तो वह जल्दी थक जाएगा और उसकी स्पीड कम हो जाएगी। इन परिस्थितियों में शुतुरमुर्ग की जीत हो सकती है।
यानी कुल मिलाकर सीधी, साफ ट्रैक वाली साधारण रेस में घोड़ा शुतुरमुर्ग को आसानी से हरा देगा। लेकिन तेज गर्मी, अनइवन रास्ता और लंबी दूरी की रेस हुई तो ऐसे में शुतुरमुर्ग कड़ी टक्कर दे सकता है और कभी-कभी वह जीत भी सकता है।
आपने देखा होगा कि शुतुरमुर्ग के दो पैर ही होते हैं, लेकिन वे बेहद ही पावरफुल होते हैं। वह अपने पंखों की मदद से अपने शरीर को बैलेंस करता है और वह टेढ़े-मेढ़े रास्तों में भी संभलकर तेज दौड़ सकता है। वहीं, घोड़े को अपने चार पैरों का फायदा ज्यादा मिलता है, इसलिए वह एक दमदार स्प्रिंटर होता है।