नया RO कब खरीदना चाहिए? वॉटर प्यूरीफायर खरीदने का सही समय क्या है?

RO यानी नया वॉटर प्यूरीफायर कब खरीदना चाहिए इसको लेकर अक्सर लोगों के मन में बहुत कंफ्यूजन होता है। आइए आपको उन संकेतों के बारे में बताते हैं जिससे पता चल सकता है कि अब नया RO खरीदने का समय आ चुका है।

Authored by: गौरव तिवारीUpdated May 16 2026, 15:58 IST
<strong>लोगों के मन का सबसे बड़ा भ्रम</strong>Image Credit : IStock01 / 09

लोगों के मन का सबसे बड़ा भ्रम

आज के समय में साफ और शुद्ध पानी पीना हमारी सेहत के लिए सबसे जरूरी चीज बन गया है। पानी से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचने के लिए लगभग हर घर में वॉटर प्यूरीफायर या आरओ (RO) सिस्टम लगा हुआ है। लेकिन अक्सर लोग एक बार आरओ लगवाने के बाद सालों-साल उसे बिना बदले इस्तेमाल करते रहते हैं। वे सोचते हैं कि जब तक पानी आ रहा है, तब तक आरओ बिल्कुल ठीक काम कर रहा है। लेकिन, ऐसा नहीं है।

<strong>हर मशीन की एक तय उम्र</strong>Image Credit : IStock02 / 09

हर मशीन की एक तय उम्र

इलेक्ट्रॉनिक्स और वॉटर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर मशीन की एक तय उम्र होती है और समय के साथ उसकी फिल्टर करने की क्षमता कम होने लगती है। खराब आरओ का पानी पीना आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। आइए जानते हैं कि आपको नया आरओ कब खरीदना चाहिए और इसके खराब होने पर हमें कौन-कौन से संकेत मिलते हैं।

<strong>पानी के स्वाद और गंध में बदलाव आना</strong>Image Credit : IStock03 / 09

पानी के स्वाद और गंध में बदलाव आना

नया आरओ खरीदने का सबसे पहला और साफ संकेत आपको पानी के स्वाद से मिलता है। अगर आपके आरओ के पानी का स्वाद अचानक अजीब, कड़वा या धातु (Metallic) जैसा लगने लगे, तो सतर्क हो जाएं। इसके अलावा यदि पानी से किसी तरह की दवा जैसी या अजीब गंध आ रही है, तो इसका साफ मतलब है कि आरओ के अंदर मौजूद कार्बन फिल्टर या मेम्ब्रेन (Membrane) पूरी तरह खराब हो चुके हैं और वे पानी में मौजूद गंदगी, रसायनों या बैक्टीरिया को साफ नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में सर्विस कराने के बाद भी यदि सुधार न हो, तो नया आरओ लेना ही बेहतर विकल्प है।

<strong>TDS लेवल का अनियंत्रित होना</strong>Image Credit : IStock04 / 09

TDS लेवल का अनियंत्रित होना

टीडीएस यानी 'टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स' यह बताता है कि पानी में कितने मिनरल्स और अशुद्धियां घुली हुई हैं। पीने के पानी का आदर्श टीडीएस लेवल 100 से 300 के बीच होना चाहिए। अगर आपके आरओ के पानी का टीडीएस अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है या फिर बहुत कम (50 से नीचे) हो जाता है, तो यह मशीन की खराबी को दर्शाता है।

<strong>TDS कम होने का मतलब</strong>Image Credit : IStock05 / 09

TDS कम होने का मतलब

बहुत कम टीडीएस का मतलब है कि पानी के सभी जरूरी मिनरल्स खत्म हो चुके हैं और बहुत ज्यादा टीडीएस का मतलब है कि पानी ठीक से साफ नहीं हो रहा। अगर टीडीएस कंट्रोलर बदलने के बाद भी यह समस्या बनी रहे, तो आपको नया प्यूरीफायर खरीद लेना चाहिए।

<strong>पानी फिल्टर होने की रफ्तार बेहद धीमी होना</strong>Image Credit : IStock06 / 09

पानी फिल्टर होने की रफ्तार बेहद धीमी होना

क्या आपके आरओ को किचन की एक बोतल या वाटर टैंक भरने में बहुत ज्यादा समय लग रहा है? आमतौर पर एक अच्छा आरओ 10 से 15 मिनट में अपनी पूरी टंकी भर देता है। लेकिन अगर आपका प्यूरीफायर घंटों तक लगातार चल रहा है और घर-घर की आवाज कर रहा है, तो इसका मतलब है कि उसके फिल्टर पूरी तरह चोक (जाम) हो चुके हैं या फिर उसका वाटर पंप कमजोर हो चुका है। लगातार चलने से बिजली का बिल भी बढ़ता है और कंपोनेंट्स पर दबाव भी। ऐसी स्थिति में बार-बार की मरम्मत पर पैसे लगाने से अच्छा है कि नया मॉडल लिया जाए।

<strong>बार-बार सर्विसिंग और मेंटेनेंस का भारी खर्च</strong>Image Credit : IStock07 / 09

बार-बार सर्विसिंग और मेंटेनेंस का भारी खर्च

यदि आपका वॉटर प्यूरीफायर पुराना हो चुका है और हर दो-तीन महीने में उसमें कोई न कोई खराबी आ जाती है—कभी पाइप लीक करता है, कभी मोटर खराब होती है तो कभी यूवी लैंप काम करना बंद कर देता है—तो यह नया आरओ खरीदने का सही समय है।

<strong>नए RO से ज्यादा हो सकता है खर्च</strong>Image Credit : IStock08 / 09

नए RO से ज्यादा हो सकता है खर्च

एक पुराने आरओ को बार-बार ठीक कराने का सालाना खर्च (Maintenance Cost) इतना ज्यादा हो जाता है कि उतने पैसों में आप एक बेहतरीन फीचर्स वाला नया और वारंटी के साथ आने वाला वॉटर प्यूरीफायर खरीद सकते हैं। स्मार्ट डिसीजन यही है कि बार-बार के खर्च को रोककर नई तकनीक में इन्वेस्ट करें।

<strong>आरओ सिस्टम का पुराना होना</strong>Image Credit : IStock09 / 09

आरओ सिस्टम का पुराना होना

आमतौर पर एक अच्छे ब्रांड के वॉटर प्यूरीफायर की औसत उम्र 5 से 7 साल होती है। भले ही आपका आरओ ठीक चल रहा हो, लेकिन अगर उसे इस्तेमाल करते हुए 6-7 साल से ज्यादा का समय हो गया है, तो उसे बदल देना चाहिए। पुरानी मशीनों के प्लास्टिक टैंक में समय के साथ बैक्टीरिया पनपने का डर रहता है। इसके अलावा, पुरानी तकनीक आज की आधुनिक तकनीकों जैसे कॉपर चार्ज, जिंक एक्टिव और अल्कलाइन फिल्ट्रेशन के मुकाबले पीछे रह जाती है। नई तकनीक का आरओ न सिर्फ पानी साफ करता है, बल्कि उसमें जरूरी पोषक तत्व भी बनाए रखता है।

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