मध्य प्रदेश में पहाड़ों और हरियाली के बीच छुट्टी बितानी है तो पचमढ़ी चुनें। बी फॉल का नजारा देखें, पांडव गुफाएं घूमें और धूपगढ़ के लिए समय रखें। यहां की ट्रिप में जगहें देखने के साथ थोड़ा आराम भी शामिल करें।
अक्टूबर में मांडू घूमने का प्लान बना सकते हैं। यहां दो जलाशयों के बीच बना जहाज महल सबसे खास आकर्षण है। पानी में महल की परछाईं दिखाई दे तो तस्वीर लेना मत भूलिए। पुराने गलियारों में घूमने के लिए सुबह का वक्त रखें।
जबलपुर के पास भेड़ाघाट में नर्मदा के दोनों ओर संगमरमर की ऊंची चट्टानें नजर आती हैं। धुआंधार जलप्रपात भी यात्रा में शामिल करें। नाव की सवारी करना चाहें तो पहले स्थानीय संचालन और नदी की स्थिति की जानकारी लें।
ओरछा में किले और बेतवा किनारे बनी छतरियों को देखने के लिए समय निकालें। राम राजा मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। इतिहास और आस्था, दोनों में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प है। शाम नदी किनारे बिताने का प्लान रखें।
खजुराहो के मंदिरों को सिर्फ दूर से देखकर आगे न बढ़ें। इनकी दीवारों पर बनी आकृतियां और बारीक नक्काशी गौर से देखने लायक हैं। कंदरिया महादेव मंदिर जरूर देखें। कला में रुचि है तो गाइड के साथ घूमना अनुभव को और दिलचस्प बना सकता है।
भोपाल की यात्रा में सांची को शामिल कर सकते हैं। यहां स्तूप और नक्काशीदार तोरण द्वार देखने लायक हैं। जल्दी-जल्दी तस्वीरें लेने के बजाय कुछ समय इन पर उकेरी गई आकृतियों को समझने में बिताएं। इतिहास पसंद करने वालों को यह ठहराव अच्छा लगेगा।
भीमबेटका के शैलाश्रय और प्राचीन चित्र आपको बहुत पुराने समय की झलक दिखाते हैं। भोपाल के आसपास घूमने का प्लान हो तो इसे सूची में रखें। यहां की खासियत बड़ी इमारतें नहीं, चट्टानों पर बची इंसानी जीवन की निशानियां हैं।