दिल्ली : दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां लगाने के मामले में दिल्ली मेट्रो चेयरपर्सन ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। यह मामला प्रदर्शन के दौरान मेट्रो सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंधों को लेकर दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। इस मामले पर कल चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली मेट्रो ने अपने जवाब में मेट्रो सेवाओं में कटौती या ट्रेनें रद्द करने के आरोपों से इनकार किया है। दिल्ली मेट्रो के मुताबिक, 10 अक्टूबर को करीब 32 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया था।
DMRC का दावा- मेट्रो ट्रेन सेवाओं में कोई कटौती नहीं हुई
दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में कहा है कि 10 अक्टूबर 2026 को मेट्रो ट्रेन सेवाओं में न तो कोई कटौती की गई और न ही कोई ट्रेन रद्द की गई। मेट्रो का कुल परिचालन पहले की तरह जारी रहा और ट्रेन ट्रिप्स की संख्या में भी कोई कमी नहीं की गई।
हलफनामे के मुताबिक, शनिवार के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 271 ट्रेनें सेवा में लगाई गई थीं। पूरे मेट्रो नेटवर्क में तय कार्यक्रम के तहत कुल 4,157 ट्रेन ट्रिप्स संचालित की गईं।
दिल्ली मेट्रो के 303 स्टेशनों में से 57 पर एंट्री एक्जिट बंद
डीएमआरसी ने बताया कि दिल्ली मेट्रो के पूरे नेटवर्क में कुल 303 स्टेशन हैं। 8 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिफिकेशन में सार्वजनिक परिवहन पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया गया था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के आकलन और निर्देशों के आधार पर 303 में से 57 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को बंद किया गया था।
DMRC के अनुसार, 9 अक्टूबर को जारी संशोधित नोटिफिकेशन में 45 स्टेशनों का उल्लेख किया गया था। इन 45 स्टेशनों को छोड़कर 10 अक्टूबर को पूरा मेट्रो नेटवर्क चालू रहा।
85 फीसदी मेट्रो नेटवर्क खुला रखने का दावा
दिल्ली मेट्रो ने अपने जवाब में कहा कि पाबंदियां सीमित और जरूरत के मुताबिक लगाई गई थीं। उसके मुताबिक, मेट्रो नेटवर्क का करीब 85 फीसदी हिस्सा खुला रहा। जिन स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को नियंत्रित किया गया, वहां यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए दूसरे स्टेशनों को खुला रखा गया।
दिल्ली मेट्रो ने यह भी कहा कि 45 में से 14 स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा निर्बाध रूप से उपलब्ध रही। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद प्रभावित स्टेशनों की संख्या का दोबारा आकलन किया गया और पाबंदियां कम की गईं।
10 अक्टूबर को करीब 32 लाख यात्रियों ने किया सफर
दिल्ली मेट्रो ने हलफनामे में कहा कि 10 अक्टूबर 2026 को मेट्रो नेटवर्क से करीब 32 लाख यात्रियों ने सफर किया। उसका कहना है कि सुरक्षा संबंधी पाबंदियों के बावजूद मेट्रो सेवाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित की गईं।
