स्टारलिंक एक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस है जिसे SpaceX कंपनी ने शुरू किया है। इसका मकसद दुनियाभर के दूर-दराज इलाकों में भी फास्ट और स्टेबल इंटरनेट कनेक्शन देना है। यह इंटरनेट प्रोवाइड करने के लिए हजारों छोटे सैटेलाइट (satellites) का उपयोग करता है जो पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में घूमते हैं।
परंपरागत इंटरनेट सर्विस (जो जमीन के नीचे फाइबर केबल्स या मोबाइल टावरों का इस्तेमाल करती हैं) के मुकाबले Starlink काफी अलग है। जैसा कि हमने बताया Starlink, लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स का उपयोग करके इंटरनेट सर्विस देता है। जनवरी 2024 तक, SpaceX ने लगभग 7,000 स्टारलिंक सैटेलाइट्स लॉन्च की हैं, और मस्क ने हर पांच साल में नेटवर्क को नए टेक्नोलॉजी से अपग्रेड करने का प्लान बना रहे हैं।
हालांकि, अब तक भारत में स्टारलिंक लॉन्च नहीं हुआ है तो इसकी सटीक स्पीड बताना तो मुश्किल है। लेकिन अन्य देशों यहां तक की भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी स्टारलिंक काम करता है। बांग्लादेश में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड 300 एमबीपीएस तक की है, जो अनलिमिटेड डेटा के साथ आती है। भारत में भी इसी के आस-पास इंटरनेट स्पीड मिल सकती है। और यह समय के साथ बेहतर होती जाएगी क्योंकि SpaceX अपनी सैटेलाइट नेटवर्क का अपग्रेड करता है।
द इकोनॉमिक टाइम्स एक रिपोर्ट के मुताबिक, SpaceX भारत में Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को शुरुआती प्रमोशनल ऑफर के तहत 10 डॉलर प्रति माह (लगभग 840 रुपये) में अनलिमिटेड डेटा प्लान के साथ शुरू कर सकता है। यानी स्टारलिंक की कीमत भारत में 1000 से कम हो सकती है। हालांकि, सटीक कीमत लॉन्च के बाद ही पता चल सकेगी।
Starlink की रेजिडेंशियल सर्विस की कीमत 90-120 डॉलर महीना (करीब 7,500-10,000 रुपये) है। वहीं इसकी इंस्टालेशन फीस 599 डॉलर यानी करीब 50,000 रुपये है। ऐसे में पहले साल में Starlink की कीमत करीब 1,58,000 रुपये तक आ सकती है। दूसरे साल से सर्विस की कीमत करीब 1,15,000 रुपये होगी, जिसमें 30 प्रतिशत टैक्स शामिल है। हालांकि, भारत में इसकी सटीक कीमत लॉन्च से बाद ही पता चल सकेगी।
स्टारलिंक इंटरनेट को एक्सेस करने के लिए हार्डवेयर किट की भी जरूरत होती है। ग्लोबल मार्केट में स्टारलिंक के हार्डवेयर किट की कीमत 250 डॉलर (लगभग 21,300 रुपये) से लेकर 380 डॉलर (लगभग 32,400 रुपये) तक है। भारत में भी यह कीमत इसी के आस-पास रह सकती है।