साल 2024 के आखिरी दिन एक कोरोनल मास इजेक्शन (CME) पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराया और फिर रात में एक और सीएमई की भी टक्कर हुई। जिसकी वजह से भू-चुंबकीय तूफान जन्म ले सकते हैं।
भू-चुंबकीय तूफानों के दौरान आयन वायुमंडलीय गैसों से टकराते हैं जिससे प्रकाश के रूप में ऊर्जा निकलती है। इससे उत्तरी गोलार्ध में उत्तरी रोशनी या ऑरोरा बोरेलिस और दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिणी रोशनी या ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस दिखाई देती है।
भू-चुंबकीय तूफानों को NOAA के G-स्केल की श्रेणी में मापा जाता है जिसे G1 (मामूली) से G5 (चरम) तक वर्गीकृत किया जाता है। NOAA के मुताबिक, नए साल की पूर्व संध्या पर जी1 तूफान, जबकि एक जनवरी को जी2 श्रेणी का तूफान दर्ज किया गया।
अंतरिक्ष का मौसम अभी और खराब होने वाला है। अंतरिक्ष मौसम भौतिक विज्ञानी तामिथा स्कोव के अनुसार, सूर्य ने 2025 की शुरुआत धमाकेदार तरीके से की, जिससे पृथ्वी की ओर एक नया सीएमई आया।
रात के समय रंग-बिरंगी रोशनी अमेरिका, कैलिफोर्निया, ऑस्ट्रिया और जर्मनी तक में दिखाई दी। रात भर भू-चुबंकीय तूफान बढ़ते और घटते रहे। अभी 3 और 4 जनवरी के आसपास भी नॉर्दन लाइट्स दिखाई दे सकती है।