दुनिया के किस कोने से भागकर भारत आए थे मुगल, क्यों हिंदुस्तान को ही बना लिया ठिकाना

Mughal Dynasty: मुगल वंश की स्थापना बाबर ने की थी, लेकिन न तो बाबर भारत का था और न ही उसका मुगलिया खानदान। बाबर और उसके खानदान के लोग भारत से 2345 किलोमीटर की दूरी से भागकर यहां आए थे। ऐसा नहीं था कि बाबर सीधे भारत में घुस आया था, भारत में घुसने के लिए बाबर ने पांच जंगें की थीं, पांचवीं बार जब बाबर इब्राहिम लोदी को हराने में कामयाब रहा, तब वो दिल्ली की गद्दी पर बैठ पाया। हालांकि वो ज्यादा समय तक दिल्ली पर शासन नहीं कर पाया और मात्र 47 साल की उम्र में उसकी मौत हो गई।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Apr 28 2025, 16:31 IST
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कहां से आए थे मुगल (Where did the Mughals come from)

मुगल भारत के नहीं थे, वो फरगना से आए थे। फरगना घाटी आज की तारीख में उज्बेकिस्तान में है और बाबर इसी फरगना का राजा था। फरगना में बाबर और उसका परिवार सुरक्षित नहीं था, कहने को तो उसके पास राज्य था, राजा था, लेकिन वहां हर समय हमले का खतरा रहता था, कोई न कोई राजा दुश्मन बनते रहता और जंग होते रहती।

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फरगना से क्यों भागकर भारत आया था बाबर ( Why did Babur flee from Fergana)

बाबर जब फरगना में लड़ने में असमर्थ हो गया, थक गया, हार गया, तब वो अपने परिवार के साथ फरगना का राजपाठ छोड़कर भाग निकला। बाबर ने फरगना की गद्दी 1494 में अपने पिता की मृत्यु के बाद संभाली थी, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता और उज़बेक सरदारों (विशेषकर शैबानी ख़ान) से संघर्ष के चलते उसे फरगना छोड़ना पड़ा।

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रगना से भागकर सबसे पहले कहां गया था बाबर (Where did Babur go first after fleeing from Fergana)

फरगना से भागने के बाद, उसने कुछ समय तक संघर्ष किया और अंततः 1504 में काबुल पर अधिकार कर लिया, लेकिन यहां भी वो टिका नहीं, उसे जिस साम्राज्य की चाहत थी, वो काबुल से पूरी नहीं हो रही थी। बाबर की नजर भारत पर थी, उसे बड़ा साम्राज्य चाहिए था।

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भारत पर पहली बार बाबर ने कब आक्रमण किया था (When did Babur first attack on India)

1507 में बाबर ने कंधार पर भी विजय प्राप्त की, जो कि आधुनिक अफगानिस्तान में स्थित है। इससे बाबर को उस क्षेत्र में स्थिरता मिली और वह अपने साम्राज्य को मजबूत कर सका। इसके बाद बाबर भारत की ओर बढ़ा। बाबर ने 1519 से 1526 तक भारत पर कई छोटे-मोटे आक्रमण किए। हालांकि ये आक्रमण बड़े पैमाने पर नहीं थे और उनका उद्देश्य मुख्य रूप से भारत में अपनी स्थिति को मजबूत करना और स्थानीय सुलतानतों से सामरिक लाभ प्राप्त करना था।

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जब भारत में मिली बाबर को जीत (When Babur got victory in India)

बाबर का भारत में मुख्य आक्रमण 1526 में हुआ था, जब उसने पानीपत की पहली लड़ाई लड़ी और दिल्ली के सुलतान इब्राहीम लोदी को हराया। बाबर ने इस लड़ाई में इब्राहीम लोदी को हराया और दिल्ली के सुलतान का तख्त पलट दिया, जिससे उसने भारतीय उपमहाद्वीप में मुगल साम्राज्य की नींव रखी।

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किस उम्र में मर गया था बाबर (when did babur die)

बाबर ने दिल्ली जीता जरूर, लेकिन वो राज काफी कम समय तक किया। बाबर भारत में जब 1526 में आया था, तब उस समय उसकी उम्र 43 वर्ष थी। वह 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहीम लोदी को हराकर दिल्ली पर अधिकार करने के बाद भारत में स्थायी रूप से अपनी सत्ता स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया था। लेकिन मात्र लगभग 4 साल तक सत्ता में रहने के बाद बाबर की मृत्यु 26 दिसंबर 1530 को हो गई। मौत के समय बाबर 47 वर्ष का था।

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भारत में क्यों रूक गए मुगल (Why did the Mughals stay in India)

भारत एक समृद्ध देश था। भारत वह समय समृद्ध था, जहां व्यापार, संसाधन और सांस्कृतिक विविधता का भंडार था। भारत का आकर्षण मुगलों के लिए बहुत बड़ा था। वे भारतीय समृद्धि, कृषि, व्यापार और औद्योगिक उत्पादों के लिए आकर्षित हुए। भारत में अनाज, मसाले, रेशम और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं थीं, जो मुगलों को यहां स्थिर करने के लिए प्रेरित करती थीं। यहां के लोग शांतिप्रिय थे। मुगलों को उतना खतरा नहीं था, वो आराम से भारत में रह सकते थे, राज कर सकते थे। बाहरी दुश्मनों ने भारत सुरक्षित था।