इस रूट को मिलेगी सबसे पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, ट्रायल अगले महीने से

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के बाद देशवासियों को इसके स्लीपर वर्जन का इंतजार बेसब्री से है। सीटिंग ट्रेनें तो पहले से ही चल रही हैं। हालांकि, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कबसे चलेगी? इस बाबत जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार ने यह जरूर कहा है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को ट्रायल अगले दो महीनों में शुरू हो जाएगा। इस बीच रेल यात्रियों के बीच इस बात को लेकर कौतूहल है कि पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन किस रूट को मिलेगी? सूत्रों की मानें तो दिल्ली-मुंबई वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल अगले महीने से शुरू हो जाएगा और यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी।

Compiled by: प्रांजुल श्रीवास्तवUpdated Jun 18 2024, 10:49 IST
भोपाल से होकर चल सकती है ट्रेन 01 / 06

भोपाल से होकर चल सकती है ट्रेन

दिल्ली से मुंबई रेलवे रूट काफी हाईडिमांड वाला है। इस रूट पर ऑफ सीजन भी ट्रेनें फुल रहती हैं। जानकारी के मुताबिक, मुंबई से दिल्ली रूट पर ट्रेनें भोपाल स्टेशन से भी गुजर सकती हैंं।

02 / 06Photo : Twitter

अगले महीने से शुरू हो सकता है ट्रायल

जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा डिमांड वाला रूट होने के कारण रेलवे ने दिल्ली से मुंबई के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस रूट पर अगले महीने से ट्रायल शुरू हो सकता है।

03 / 06Photo : Twitter

यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

दिल्ली-मुंबई रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। हाई डिमांड वाला रूट होने के कारण इस रूट पर अक्सर यात्रियों को सीट नहीं मिल पाती थी।

04 / 06Photo : Twitter

पहले चरण में 130 किलोमीटर प्रतिघंटे रहेगी स्पीड

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन प्रथम चरण में 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। इसके पश्चात चरणबद्ध तरीके से सेमी हाई स्पीड 160-220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाई जाएंगी।

05 / 06Photo : Twitter

​स्लीपर ट्रेन में होंगे 16 कोच

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 कोच होंगे। इसमें 10 कोच एसी-3, चार कोच एसी-2 व एक कोच एसी-1 का होगा। जबकि दो कोच एसएलआर होंगे।

06 / 06Photo : Twitter

​आरामदायक होगा सफर

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्रियों का सफर इसमें बेहर आरामदायक हो। यात्रियों को अलग-अलग बर्थ में जाने में भी किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।