अध्यात्म

दशहरे पर जलेबी और पान क्यों खाए जाते हैं, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

Dussehra 2026 Jalebi Paan Tradition: दशहरा के दिन जलेबी और पान खाना बेहद ही शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान राम की जीत के जश्न में मिठाई बांटी गई थी।

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जलेबी और पान दशहरा पर क्यों खाना चाहिए (Image AI Generated and Newsroom Verified)

Dussehra 2026 Jalebi Paan Tradition: दशहरा यानी विजयादशमी पर रावण दहन के साथ जलेबी खाने और पान खिलाने की परंपरा भी निभाई जाती है। इस दिन कई जगहों पर लोग गर्मागर्म जलेबी खाते हैं और एक-दूसरे को पान खिलाकर दशहरे की शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दशहरे पर जलेबी और पान खाने की परंपरा क्यों है? इसके पीछे की कथा क्या है। अगर नहीं तो आइए जानते हैं कि दशहरे दिन पान और जलेबी खाना क्यों शुभ माना जाता है।

दशहरे पर जलेबी खाना क्यों माना जाता है शुभ

दशहरे पर जलेबी खाने को काफी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम को 'शशकुली' नाम की एक मिठाई पसंद थी, जिसे आज के समय में जलेबी के नाम से जाना जाता है। वहीं, दूसरी कथा के अनुसार, रावण वध के बाद जश्न में मिठाई बांटी गई थी। इस कारण आज के समय में भी गर्मागर्म जलेबी खाकर लोग असत्य पर सत्य की विजय का पर्व मनाते हैं।

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। इस दिन रावण दहन के बाद लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाते हैं। जलेबी की मिठास को सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। लोग रावण दहन देखने के बाद बाजार से जलेबी लाते हैं और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी मिलकर त्योहार का आनंद लेते हैं।

दशहरे पर पान क्यों खाया जाता है

दशहरे पर पान खाने और खिलाने की भी खास परंपरा है। मान्यता है कि पुराने समय में राजा युद्ध में विजय हासिल करने के बाद अपने सैनिकों और प्रजा को पान खिलाकर जीत की खुशी मनाते थे। इसी कारण विजयादशमी पर पान खाने का रिवाज प्रचलित हुआ। पान को शुभता, सम्मान और सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को पान खिलाकर सुख-समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देते हैं।

दशहरे के दिन कई जगहों पर रावण दहन के बाद लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों से मिलने जाते हैं। इस दौरान मिठाई और पान खिलाकर शुभकामनाएं दी जाती हैं। मान्यता है कि पान खिलाने से रिश्तों में मिठास बढ़ती है और आपसी मनमुटाव दूर होते हैं। लोग एक-दूसरे को पान देकर त्योहार की खुशियां बांटते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

शरीर को ऊर्जा देती है जलेबी

हेल्थ की दृष्टि से भी जलेबी का सीमित मात्रा में सेवन करना अच्छा माना जाता है। दशहरे के समय मौसम में बदलाव होने लगता है। जलेबी में चीनी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जिनसे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि, जलेबी को ज्यादा मात्रा में खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे चाशनी में डुबोकर तैयार किया जाता है और तेल या घी में तला जाता है। खासकर डायबिटीज वाले लोगों को जलेबी खाते समय अपनी ब्लड शुगर का ध्यान रखना चाहिए।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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