रेल नेटवर्क होगा और मजबूत, NPG बैठक में 8 बड़े प्रोजेक्ट्स की हुई समीक्षा; जानें डीटेल्स

PM GatiShakti Meeting News: प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) की 105वीं बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों की ओर से प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई, जिनका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। बैठक में सात रेलवे और एक सड़क प्रोजेक्ट्स को पीएम गतिशक्ति के सिद्धांतों के हिसाब से परखा गया।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Dec 22 2025, 12:33 IST
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स पर जोर    Image Credit : Canva01 / 07

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स पर जोर

NPG ने जिन प्रस्तावों की समीक्षा की, वे अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी, इंडस्ट्रियल और सोशल सेंटर्स से बेहतर जुड़ाव और 'होल ऑफ गवर्नमेंट' (WoG) अप्रोच पर आधारित हैं। इन प्रोजेक्ट्स से सफर का समय घटाने, माल ढुलाई को आसान बनाने और संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अरक्कोनम-रेनिगुंटा रेल कॉरिडोर का विस्तारImage Credit : Canva02 / 07

अरक्कोनम-रेनिगुंटा रेल कॉरिडोर का विस्तार

तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाले अरक्कोनम-रेनिगुंटा सेक्शन में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस कदम से भीड़भाड़ कम होगी, ट्रेनों की समयपालन क्षमता सुधरेगी और माल ढुलाई की बढ़ती मांग को संभालने में मदद मिलेगी। यह रूट हाई-डेंसिटी ट्रैफिक नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

तमिलनाडु में ट्रैक डबलिंग से बढ़ेगी क्षमताImage Credit : Canva03 / 07

तमिलनाडु में ट्रैक डबलिंग से बढ़ेगी क्षमता

इरोड-करूर और सलेम-करूर-दिंडीगुल सेक्शन में ट्रैक डबलिंग की योजनाओं पर भी विचार किया गया। इन परियोजनाओं से औद्योगिक क्षेत्रों, थर्मल पावर प्लांट और कृषि आधारित उद्योगों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होने की संभावना है।

गुंतकल सेक्शन में रेल नेटवर्क होगा चौड़ाImage Credit : Canva04 / 07

गुंतकल सेक्शन में रेल नेटवर्क होगा चौड़ा

गुंतकल-बेल्लारी और गुंतकल-वाडी सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन जोड़ने के प्रस्ताव से दक्षिण भारत के खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस विस्तार से कोयला, सीमेंट और स्टील जैसे प्रमुख माल की आवाजाही तेज होगी और रेल नेटवर्क पर दबाव घटेगा।

तेलंगाना और महाराष्ट्र में हाई-डेंसिटी रूट मजबूतImage Credit : Canva05 / 07

तेलंगाना और महाराष्ट्र में हाई-डेंसिटी रूट मजबूत

तेलंगाना के यादवद्री-काजीपेट-घाटकेसर कॉरिडोर में अतिरिक्त रेल लाइनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे हैदराबाद समेत बड़े महानगरों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। वहीं महाराष्ट्र के पुणे जिले में तलेगांव-उरुली के बीच मल्टी-ट्रैक रेल लाइन से औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब को नई गति मिलेगी।

आंध्र प्रदेश में NH-544D होगा अपग्रेड Image Credit : Canva06 / 07

आंध्र प्रदेश में NH-544D होगा अपग्रेड

रेल परियोजनाओं के साथ-साथ आंध्र प्रदेश में विनुकोण्डा से गुंटूर तक NH-544D को चार लेन में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस सड़क के चौड़ीकरण से यात्रा समय में भारी कमी आने, लॉजिस्टिक्स लागत घटने और अमरावती समेत प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

आर्थिक विकास और रोजगार को मिलेगा सहाराImage Credit : Canva07 / 07

आर्थिक विकास और रोजगार को मिलेगा सहारा

इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यातायात और माल ढुलाई आसान होगी, बल्कि उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। सरकार का मानना है कि PM गतिशक्ति के तहत यह प्रयास देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा देगा।

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