MCD ने 2026 तक दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 422 से बढ़ाकर 994 करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए पब्लिक इनिशिएटिव और डिस्कॉम को 2026 के पहले तीन तिमाहियों में नए स्टेशन स्थापित करने की अनुमति दी गई है। ये स्टेशन बंद ढलाओ (कूड़ा फेंकने की जगह), सतही पार्किंग और सड़कों के किनारे लगाए जाएंगे।
कचरा प्रबंधन को लेकर निगम ने स्पष्ट समयसीमा तय की है। योजना के अनुसार ओखला और भलस्वा लैंडफिल को अगले साल तक समतल किया जाएगा, जबकि गाजीपुर लैंडफिल को 2027 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही नए कचरा प्रोसेसिंग प्लांट बनाए जाएंगे और मौजूदा संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
सड़कों से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत 14 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदी जाएंगी। इन मशीनों की निगरानी GPS ट्रैकिंग के जरिए होगी और प्रत्येक मशीन की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों को दी जाएगी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन और ट्रैफिक जाम को गंभीर मुद्दा बताते हुए अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रभावित लोगों के लिए व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
उच्च प्रदूषण की स्थिति में निर्माण कार्यों पर सख्ती से रोक लगाने, सड़कों के किनारे पड़े निर्माण और तोड़फोड़ के कचरे को हटाने तथा बायोमास जलाने पर नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने दिल्ली-एनसीआर में एक सप्ताह के भीतर वायु गुणवत्ता में असल में दिखाई देने वाला सुधार सुनिश्चित करने को कहा है।
ट्रैफिक को प्रदूषण का बड़ा कारण मानते हुए निगम ने 10 नए मल्टी-लेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई है। फिलहाल दिल्ली में 419 सतही और 30 मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाएं हैं। साथ ही गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा को इंटीग्रेटेड स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
MCD ने शहर में 71 अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहचान की है। इनमें से 38 जगहों पर जल्द अतिक्रमण हटाने की जरूरत है, जबकि अन्य जगहों पर पार्किंग स्पॉट बनाने, बाजारों को शिफ्ट करने और ठेलों से पैदा होने वाली दिक्कतों को दूर करने जैसे बड़े उपाय शामिल हैं। नगर निगम का कहना है कि जनवरी से इन सभी योजनाओं की समीक्षा हर महीने मंत्री स्तर पर की जाएगी।