दिल्ली-एनसीआर में हवा लगातार जहरीली बनी हुई है। सुबह की शुरुआत स्मॉग के साय में हो रही है। इस पूरे सप्ताह एयर क्वालिटी बेहद खराब स्तर पर बनी रही। कई इलाकों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी के करीब भी पहुंच गया। प्रदूषित हवा स्वस्थ लोगों को भी बीमार बना रही है। आज भी लोगों को जहरीली हवा से राहत नहीं मिली। सुबह कई इलाकों में आसमान में धुंध छाई नजर आई। आइए जानते हैं कि आज दिल्ली का AQI कितना है:
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार, दिल्ली में आज सुबह 8 बजे औसत एक्यूआई 334 दर्ज किया गया, जिसे बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है। इस दौरान कई इलाके ऐसे रहे, जिनका एक्यूआई 350 से अधिक दर्ज हुआ। दिल्ली में सबसे खराब एयर क्वालिटी मुंडका में दर्ज की गई। जहां का एक्यूआई 384 रहा।
अलीपुर में 335,आईटीओ में 345, आर के पुरम में 366, पंजाबी बाग में 349, दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस में 330, नेहरू नगर में 377, द्वारका सेक्टर-8 में 343, पटपड़गंज में 357, अशोक विहार में 351, सोनिया विहार में 350, जहांगीरपुरी में 368, रोहिणी में 375, विवेक विहार में 304, नरेला में 339, वजीरपुर में 360, बवाना में 374, मुंडका में 384, आनंद विहार में 366, बुराड़ी क्रॉसिंग में 332 और डीटीयू में 358 दर्ज किया गया।
दिल्ली के आसपास के शहर भी प्रदूषण की आगोश में हैं। यहां भी लोग जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर हैं। दिल्ली से सटे नोएडा में भी आज एयर क्वालिटी बेहद खराब रही। यहां का एक्यूआई 353 रहा। वहीं ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 331, गाजियाबाद का 351, गुरुग्राम का 306 और फरीदाबाद का 216 दर्ज किया गया।
दिल्ली में शुक्रवार को औसत एक्यूआई 327 दर्ज किया गया, जिसे बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है। सुबह के समय यह 323 दर्ज किया गया था। इस दौरान सबसे खराब एक्यूआई बवाना में 373 रही। ‘समीर’ ऐप के अनुसार, शाम छह बजे तक 39 में से 31 वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज हुए।
दिल्ली में बीते सप्ताह एक्यूआई में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रविवार को राजधानी का औसत एक्यूआई 279 दर्ज किया गया। यह सोमवार को बढ़कर 304 हो गया। मंगलवार को एक्यूआई बढ़कर गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गया। इस दिन यह 372 दर्ज किया गया। बुधवार को यह 342 पर पहुंच गया। गुरुवार को एक्यूआई फिर से 304 पर पहुंचकर 'बेहद खराब' हो गया।
प्रदूषित हवा का बुरा प्रभाव सिर्फ बच्चों और बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि स्वस्थ इंसानों को भी बीमार बना रहा है। लोगों को आंख में जलन,गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ आदि समस्याएं हो रही है। प्रदूषित हवा का दुष्प्रभाव बेजुबान पशु-पक्षियों पर भी पड़ रहा है। जिसके कारण सुबह के समय पक्षियों की चहचहाहट भी कम सुनाई दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार वायु प्रदूषण पक्षियों को ही नहीं बल्कि कीड़े-मकौड़ों को भी नुकसान पहुंचा रहा है, जोकि पक्षियों का भोजन होते हैं।