Patna Water Logging: पटना के किसी इलाके में अब 8 घंटे से ज्यादा नहीं होगा जलजमाव, निगम का प्लान तैयार

Patna Water Logging: पटना में मानसून की दस्तक के बाद से कई दिन बारिश हो चुकी है। फिलहाल किसी इलाके में जलजमाव की समस्या नहीं बनी है। नगर निगम अब भारी बरसात में ही जलजमाव न हो, उस दिशा में काम कर रहा है।

Patna Municipal Corporation completed preparations for water logging
पटना नगर निगम ने जलजमाव की तैयारी की पूरी (प्रतीकात्मक तस्वीर)  |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • जलजमाव से निपटने के लिए निगम ने पांच लेयर में तैयार किया सिस्टम
  • हेल्पलाइन नंबर 155304 जारी किया, शिकायत आने पर तत्काल संबंधित कर्मी व अधिकारी करेंगे बचाव कार्य
  • हर अंचल में जलजमाव की दृष्टि से संवेदनशील 11 वार्डों का चयन

Patna Water Logging: पटना शहर में जलजमाव से निपटने के लिए नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। निगम ने पांच लेयर में सिस्टम बनाया है। निगम का दावा है कि, भारी बारिश होने पर भी अधिकतम आठ घंटे में जल निकासी करा दी जाएगी। निगम ने एक कंट्रोल रूम बनाया है। यह 30 सितंबर तक 24 घंटे काम करेगा। इसके अतिरिक्त एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। 155304 पर कॉल करके जलजमाव की शिकायत की जा सकती है। 

हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत मिलने एवं उसके निदान के लिए संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारी को सूचित करने के लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं। बता दें, शहर के कुछ इलाकों में जलजमाव की समस्या अधिक होती है। हर वार्ड में ऐसे 11 संवेदनशील वार्ड चुने जा चुके हैं। यहां अधिकतम 10 घंटे में जल निकासी कराने का लक्ष्य है। 

कार्यपालक पदाधिकारी रखेंगे वार्डों पर नजर

नगर आयुक्त ने कड़े लहजे में सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को संवेदनशील वार्डों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। शहर के किसी भी क्षेत्र में जलजमाव की शिकायत मिलने के 15 मिनट के अंदर क्विक रिस्पांस टीम पहुंचेगी। टीम को विशेष वाहन क्यूआरटी एक्सप्रेस भी दिया गया है। इन गाड़ियों में पानी की निकासी से संबंधित सभी उपकरण मौजूद हैं। शहर के सभी 75 वार्डों को 19 जोन में बांटा गया है। एक जोन में चार वार्ड है। नगर आयुक्त ने टीम को विशेष निर्देश दिया है कि, 24 से 7 अलर्ट मोड में रहे और समस्याओं का तत्काल निदान करें। 

63 जगहों पर लगाए गए स्थाई और अस्थाई संप

निगम ने जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए 42 स्थाई और 21 अस्थाई संप हाउस का संचालन शुरू किया है। बिजली गुल रहने पर परिसर में डीजी सेट के जरिए संप हाउस का निर्बाध संचालन किया जाना है। संप हाउस के लगातार कार्यरत रहने से कम से कम समय में शहर से जल निकासी का काम पूरा किया जा सकेगा। 

इन इलाकों से जल निकासी निर्भर करती है सबसे ज्यादा

बता दें, राजवंशी नगर, पहाड़ी, सैदपुर एवं योगीपुर संप पर शहर की जल निकासी सबसे अधिक निर्भर करती है। सभी संप हाउस पर अधिकारी एवं कर्मचारी अलर्ट मोड पर रहने हैं। नगर निगम एवं बुडको के अधिकारी लगातार संप हाउसों का निरीक्षण कर रहे हैं। 

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