शासन की नीतियों को जमीन पर उतारना ही मुख्य लक्ष्य, कोरोना महामारी और बाढ़ से निपटने के लिए बिहार सरकार मुस्तैद

बिहार में चलाए जा रहे विकास कार्यों के संबंध में शासन स्तर के आलाअधिकारियों ने विस्तार में जानकारी दी। अधिकारियों का कहना है कि शासन की योजनाओं को जमीन पर उतारना ही उनका लक्ष्य है।

शासन की नीतियों को जमीन पर उतारना ही मुख्य लक्ष्य, कोरोना महामारी और बाढ़ से निपटने के लिए बिहार सरकार मुस्तैद
अनुपम कुमार,सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क, बिहार सरकार 

पटना। बिहार में कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार द्वारा लगातार सभी बिन्दुओं पर समुचित कार्रवाई की जा रही है। प्रतिदिन एक लाख से अधिक सैम्पल्स की जांच हो रही है और अन्य पारामीटर्स में भी काफी सुधार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग निरंतर क्वालिटी इम्प्रूवमेंट एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए काम कर रहा है। क्वालिटी इम्पू्रवमेंट एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था का ही परिणाम है कि रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है और आज बिहार का रिकवरी रेट 86.56 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से 10 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि रोजगार सृजन पर भी सरकार का विशेष ध्यान है और लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक 05 लाख 60 हजार 201 योजनाओं के अंतर्गत 14 करोड़ 20 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है। 

गंगा लिफ्ट वाटर प्रोजेक्ट का निरीक्षण
श्री अनुपम कुमार ने बताया कि आज माननीय मुख्यमंत्री ने गंगा लिफ्ट वाटर प्रोजेक्ट (गंगा उद्वह योजना) का निरीक्षण किया है। मरांची (मोकामा) के निकट हथीदह के इंटेकवेल (जहाँ से गंगा जल को लिफ्ट किया जाएगा) से मानसून के चार महीने तक गंगा के पानी को गया, बोधगया, नवादा और राजगीर में भंडारण किया जाएगा और सालों भर इन जगहों पर पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में वाटर स्टोरेज हेतु टैंक्स आदि का निर्माण कार्य जारी है ताकि गर्मी के समय में इन स्थानों पर जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। माननीय मुख्यमंत्री ने हथीदह में स्थल निरीक्षण करने के पश्चात गंगा लिफ्ट वाटर प्रोजेक्ट से संबंधित अन्य जगहों का हवाई सर्वेक्षण किया है। ये सरकार की अत्यंत ही महत्वाकांक्षी परियोजना है। 


पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2, 629 मरीज स्वस्थ

सचिव स्वास्थ्य श्री लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 2,629 लोग स्वस्थ हुए हैं और अब तक 1,15,074 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। विगत 24 घंटे में कोविड-19 के 2,087 नये मामले सामने आये हैं। वर्तमान में बिहार में कोविड-19 के 17,181 एक्टिव मरीज हैं। पिछले 24 घंटे में 1,06,481 सैंपल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 29,89,407 है। 
श्री लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि आज भी सभी जिला पदाधिकारी, सभी सिविल सर्जन्स, सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य एवं अधीक्षक, सभी लैब के डायरेक्टर्स, प्रभारी पदाधिकारी तथा माइक्रोबायोलॉजिस्ट के साथ गहन चर्चा हुई है और स्वास्थ्य विभाग ने आर0टी0पी0सी0आर0  जांच बढ़ाने को लेकर पहल की है। एक से दो दिनों में बेतिया मेडिकल कॉलेज में यह काम शुरू हो जाएगा और अन्य जगहों पर काम चल रहा है।

उन्होंने बताया कि एक टीम बनाकर होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य एवं घर की आधारभूत संरचना का सत्यापन किया जा रहा है। यदि सत्यापन के क्रम में यह पाया जाता है कि उनके होम आइसोलेशन में संसाधन नहीं है तो ऐसे लोगों को संस्थागत होम आइसोलेशन सेंटर्स यानी कोविड केयर सेंटर में लाया जाएगा। होम आइसोलेशन में रहने वाले 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का विशेष रूप से सत्यापन किया जा रहा है और ऐसे व्यक्तियों की सूची टीम को दी गयी है ताकि उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो। सत्यापन का काम अभियान के तौर पर किया जा रहा है।

कोविड-19 के संबंध में दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन
अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय श्री जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 01 अगस्त से लागू अनलॉक-3 के तहत जारी गाइडलाइन्स का अनुपालन कराया जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 526 वाहन जब्त किये गये हैं और 15 लाख 550 रूपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है। इस दौरान 01 कांड दर्ज किया गया है और किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस प्रकार 1 अगस्त से अब तक 73 कांड दर्ज किये गए हैं और 108 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। कुल 18,603 वाहन जब्त किए गए हैं और करीब 04 करोड़ 99 लाख 11 हजार 720 रुपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले 24 घंटे में मास्क नहीं पहनने वाले 3,300 व्यक्तियों से 01 लाख 65 हजार रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। इस प्रकार 01 अगस्त से अब तक मास्क नहीं पहनने वाले 1,36,874 व्यक्तियों से 68 लाख 43 हजार 700 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गयी है। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नए दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं। 

बाढ़ से उपजे हालात पर नजर
जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ अनुश्रवण सेल ने बताया कि कोशी नदी में आज वीरपुर बराज पर दिन के 2 बजे 1,00,250 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति फॉलिंग है। गंडक नदी में बाल्मीकिनगर बराज पर 1,02,100 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति स्थिर है। सोन नदी में इन्द्रपुरी बराज पर 67,565 क्यूसेक डिस्चार्ज है और जलश्राव की प्रवृत्ति घटने की है। बागमती नदी का जलस्तर बेनीबाद एवं हायाघाट में क्रमशः 13 सेंटीमीटर, 18 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर है और सभी गेज स्थलों पर फॉलिंग ट्रेंड है। गंगा नदी का जलस्तर वाराणसी, बक्सर, दीघा और गांधी घाट में राइजिंग ट्रेंड में है। गांधी घाट में गंगा नदी 08 सेंटीमीटर, हाथीदह में 22 सेंटीमीटर एवं कहलगांव में 16 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर प्रवाहित हो रही है। शेष सभी नदियों का जलस्तर फॉलिंग या स्थिर है। पूर्वानुमान के मुताबिक 29 तथा 30 अगस्त को बिहार और नेपाल की सभी नदियों के बेसिन में लाइट टू मोडरेट वर्षापात होने की संभावना व्यक्त की गयी है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा सतत् निगरानी एवं चैकसी बरती जा रही है। 

आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह तैयार
अपर सचिव आपदा प्रबंधन श्री रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 16 जिलों के कुल 130 प्रखंडों की 1,333 पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जहाँ आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। समस्तीपुर में 05 और खगड़िया में 1 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। इन सभी 06 राहत शिविरों में लगभग 5,167 लोग आवासित हैं। प्रभावित इलाकों में 68 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 62,138 लोग भोजन कर रहे हैं। सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में

एनडीआरएफ और एसडीआरएफकी टीमें प्रतिनियुक्त हैं और अब तक प्रभावित इलाकों से एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 और बोट्स के माध्यम से 5,50,792 लोगों को निष्क्रमित किया गया है। अब बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक बाढ़ प्रभावित 13,22,691 परिवारों के बैंक खाते में प्रति परिवार 6,000 रुपये की दर से कुल 793.61 करोड़ रुपये जी0आर0 की राशि भेजी जा चुकी है। सभी लाभान्वित परिवारों को एस0एम0एस0 के माध्यम से सूचित भी किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग संपूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

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