Patna monsoon: बस एक नंबर पर फोन करें, पटना के किसी भी इलाके में जलजमाव से मिलेगी निजात

Patna Municipal corporation: राजधानी में मानसून दस्तक दे चुकी है। दो दिन बारिश भी हुई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अब लोगों को मानसून की भारी बारिश से जलजमाव की चिंता सता रही है। दरअसल, हर साल मानसून की बारिश से कई मोहल्लों में जलजमाव होता है।

This number will get rid of water logging in Patna
पटना में जलजमाव से निजात दिलाएगा यह नंबर  |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • पटना नगर निगम ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
  • शहरवासियों को 155304 पर कॉल करके जलजमाव की करनी होगी शिकायत
  • शहर के 75 वार्डों में सितंबर तक 19 जोनल क्विक रिस्पांस टीम काम करेगी

Patna Water Logging: इस बरसात पटना में जलजमाव से राहत मिल सकती है। जलजमाव से निजात दिलाने के लिए पटना नगर निगम टीम ने कई स्तर पर तैयारियां की हैं। इसके तहत तमाम नालों की उड़ाही करा दी गई है। इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। हालांकि यह अस्थाई व्यवस्था है। पटना नगर निगम का हेल्पलाइन नंबर 155304 है। इस नंबर पर कॉल करके कोई भी अपने या किसी दूसरे क्षेत्र में हुए जलजमाव की शिकायत दर्ज करा सकता है। 

इस नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के 15 मिनट पर क्विक रिस्पांट टीम उस जगह पहुंच जाएगी और जल निकासी में लग जाएगी। शहर के सभी 75 वार्डों में सितंबर तक क्विक रिस्पांस टीमें काम करेंगी। कुल 19 क्विक रिस्पांस टीम बनाई गई है, जो 24 घंटे काम करेगी। 

क्विक रिस्पांस टीम को मिली विशेष गाड़ी

नगर निगम की इस क्विक रिस्पांस टीम को विशेष गाड़ी दी गई है। इन वाहनों में पानी की निकासी से संबंधित सभी उपकरण उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही डीपीएस पर पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है, जिससे जल निकासी में कोई समस्या उत्पन्न नहीं हो। 

इन जिलों में होता है सबसे अधिक जलजमाव

पटना के दर्जन भर इलाकों में सबसे अधिक जलजमाव होता है। इनमें कई नए और पुराने इलाके हैं। कंकड़बाग, पुराना बाइपास, एसपी वर्मा रोड, लोहानीपुर, ठाकुरबाड़ी रोड, नया टोला, पाटलिपुत्रा, न्यू पाटलीपुत्रा, नेहरू नगर, राजेंद्र नगर, अशोक राजपथ, भूतनाथ रोड आदि मोहल्लों में जलजमाव ज्यादा होता है। 

19 जोन में बांटा गया है पटना

जलजमाव की समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए शहर को 19 जोन में बांटा गया है। इसके अतिरक्त क्यूआरटी टीम के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इतना ही नहीं किसी क्षेत्र में जलजमाव होगा तो उस क्षेत्र के कार्यपालक पदाधिकारी उसके लिए जिम्मेदार होंगे और उन पर नगर आयुक्त द्वार कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए सभी पदाधिकारी से पहले ही शपथ पत्र भरवा लिया गया है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े नालों की उड़ाही करवा ली है। 

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