सैनिक स्कूल सोसायटी से जुड़ेंगे 100 स्कूल, अगले सत्र में 5000 बच्चों को मिलेगा मौका,जानें प्लान

100 Sainik School: बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीपीपी में मोड में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी।

100 New Sainik School
पीपीपी मॉडल में खुलेंगे सैनिक स्कूल। फोटो-सैनिक स्कूल सोसायटी 

मुख्य बातें

  • अगले साल 2022-23 में 5000 बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। ये सभी बच्चे कक्षा 6 में प्रवेश पा सकेंगे
  • देश में अभी 33 सैनिक स्कूल हैं और हर साल कक्षा छह में 3000 बच्चों को प्रवेश का मौका मिलता है।
  • नए स्कूल पीपीपी मॉडल पर खुलेंगे और केंद्र सरकार ने इसके लिए आवेदन मांगे हैं।

नई दिल्ली:  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में सैनिक स्कूल सोसायटी के साथ मिलकर 100 स्कूल खोलने की योजना को मंजूरी दे दी है। सरकार पीपीपी मॉडल के तहत यह स्कूल खोलेगी। जिसमें प्राइवेट स्कूल, एनजीओ आदि भागीदारी कर सकेंगे। सरकार के अनुसार कक्षा 6 से शुरू होने वाले इन स्कूल में अगले साल 2022-23 में 5000 बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। यह स्कूल सैनिक स्कूल की तरह ही काम करेंगे। अभी देश में 33 सैनिक स्कूल हैं।

बजट में हुई थी घोषणा

बीते फरवरी में पेश हुए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीपीपी में मोड में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी। इसके तहत सरकारी, निजी और एनजीओ के साथ मिलकर सैनिक स्कूल खोले जा सकेंगे। सरकार के प्लान के अनुसार 2022-23 के सत्र में कक्षा छह में 5000 बच्चे इन नए स्कूल में दाखिला ले सकेंगे। देश में अभी 33 सैनिक स्कूल हैं और उनमें कक्षा छह में हर साल 3000 बच्चे प्रवेश ले सकते हैं।

सरकार ने स्कूल खोलने के लिए मांगे आवेदन

केंद्र सरकार ने नए सत्र के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके तहत इच्छुक आवेदक  https://sainikschool.ncog.gov.in इस लिंक के जरिए आवेदन कर सकेंगे। स्कीम के तहत सरकार से सहायता प्राप्त स्कूल, केवीएस, एनवीसी जैसे ऑटोनॉमस स्कूल, रक्षा और रेलवे मंत्रालय द्वारा सीधे तौर पर चलाए जा रहे स्कूल, किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी द्वारा चलाए जा रहे स्कूल और प्राइवेट स्कूल, सैनिक स्कूल खोलने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मिलेंगे ये फायदे

इन स्कूल को सरकार के तरह से फीस, ट्रेनिंग ग्रांट आदि के लिए, कुछ हिस्से के रुप में वित्तीय सहयोग भी मिलेगा। यह सहायता मेरिट के आधार पर दी जाएगी। इसके अलावा सरकार को प्रतिष्ठित निजी और सरकारी स्कूलों में पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर  का फायदा मिलेगा। ऐसे में स्कूल खोलना कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। 


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