Mumbai: कंटेनमेंट जोन में लोगों की आवाजाही पर लगी रोक, केवल इन सेवाओं की इजाजत

कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पुलिस कमिश्नर प्रणय अशोक ने मुंबई में धारा-144 लागू कर दी है। यह आदेश धार्मिक स्थानों पर भी कुछ शर्तों के साथ लागू होगा।

Section 144 imposed in Mumbai amid spike in Covid-19 cases
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुंबई में धारा 144 लागू 

मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना के मामले सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं। राजधानी मुंबई कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित रही है। कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए मुंबई में अब धारा 144 लगा दी गई है। देश की वित्तीय राजधानी  में कोरोना के मामले लगातार बड़ रहे हैं। मुंबई पुलिस आयुक्त प्रणय अशोक ने बुधवार को महामारी के प्रसार को फैलने से रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी है। आदेश के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों पर या किसी भी प्रकार की उपस्थिति या आंदोलन प्रतिबंधित रहेगा जिसमें धार्मिक स्थलों को भी कुछ शर्तों के साथ शामिल किया गया है।

धारा 144 लागू

एक आदेश में कहा गया है, 'सार्वजनिक या निजी स्थानों पर लोगों के इकट्ठा होने से कोविड -19 वायरस के प्रसार की संभावना है और यह  मानव जीवन, स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश पारित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मानव जीवन को कोई खतरा नहीं है।'

रात 9 से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू

आदेश में कहा गया है कि नगरपालिका के अधिकारियों द्वारा कंटेनमेंट जोन का विभाजन किया गया है जहां पर केवल आवश्यक गतिविधियों, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और चिकित्सीय सुविधाओं के अलावा हर चीज पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, शहर में रात 9 बजे से लेकर सुबह 5 बजे के बीच कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान चिकित्सा आपात स्थिति और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही जारी रहेगी।

नए आदेश के तहत छूट पाने वाली सेवाएं:

  1. खाद्य, सब्जियां, दूध की आपूर्ति, राशन और किराना स्टोर
  2. अस्पताल, दवाएं, फार्मा और संबंधित प्रतिष्ठान, पैथोलॉजी प्रयोगशालाएं, मेडिकल / नर्सिंग कॉलेज
  3. टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं
  4. बिजली, पेट्रोलियम, तेल और ऊर्जा से संबंधित
  5. बैंकिंग, स्टॉक एक्सचेंज, सेबी-पंजीकृत प्रतिभागी
  6. आईटी और आईटी-सक्षम सेवाएं 
  7. मीडिया
  8. बंदरगाह
  9. होम डिलिवरी करने वाली फूड सेवाएं, किराने का सामान और आवश्यक वस्तुएं प्रदान करने वाली सेवाएँ
  10. आवश्यक और गैर-आवश्यक वस्तुओं के लिए ई-कॉमर्स गतिविधि
  11. पीने के पानी की सप्लाई
  12. उपरोक्त सेवाओं से संबंधित सामान को ले जाने वाले ट्रक / टेम्पो

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में अभी तक 174761 मामले सामने आ चुके हैं और 7855 लोगों की मौत हो गई है। वहीं ठीक होने वाले मरीजों की बात करें तो इनकी संख्या 90911 है और 75995 लोगों का अभी इलाज चल रहा है।

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