Maids entry in society:महाराष्ट्र सरकार का सोसाइटियों को निर्देश, घरेलू सहायकों की एंट्री पर नहीं लगेगी रोक

Maids entry in maharashtra societies: महाराष्ट्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी सोसाइटी मेड्स या घरेलू सहायकों के आने पर रोक नहीं लगा सकती है।

maids entry in society:महाराष्ट्र सरकार का सोसाइटियों को निर्देश, घरेलू सहायकों की एंट्री पर नहीं लगेगी रोक
कोरोना संक्रमण के बीच महाराष्ट्र सरकार का फैसला 

मुख्य बातें

  • महाराष्ट्र में अब सोसाइटियां घरेलू सहायकों की एंट्री पर नहीं लगा सकेंगी रोक, महाराष्ट्र सरकार का फैसला
  • कोरोना संंकट का मुकाबला करते हुए आर्थिक गतिविधियों को धीरे धीरे खोला जाएगा
  • देश में सबसे अधिक कोरोना संक्रमण के मामले महाराष्ट्र से

मुंबई। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5 लाख के पार हो गई है और देश एक तरह से खुल भी चुका है। अगर देश के अलग अलग सूबों की बात करें तो महाराष्ट्र में कोरोना से प्रभावित लोगों की तादाद सबसे अधिक है। उद्धव सरकार का कहना है कि इस संकट से निपटने के साथ ही हमें जिंदगानी को भी पटरी पर लाना होगा, आर्थिक व्यवस्था में जान फूंकनी होगी और इस क्रम में महाराष्ट्र सरकार ने एक और फैसला लिया है जो सोसाइटी में काम करने वाली मेड के संबंध में हैं। 

सोसाइटी में मेड्स की एंट्री पर रोक नहीं
महाराष्ट्र सरकार ने सभी सोसाइटी को निर्देश दिया है कि वो मेड या घरेलू सहायकों को बिल्डिंग में एंट्री देने पर रोक नहीं लगा सकते हैं। इसका अर्थ यह है कि मेड या घरेलू सहायक अब सोसाइटी के फ्लैट्स में कामकाज कर सकती हैं। सरकार का मानना है कि अब समय आ चुका है जब हर एक को ऐहतियात बरतने के साथ आगे बढ़ना है। दरअसल कुछ सोसाइटियों की तरफ से कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच इस तरह की मुहिम चलाई गई थी। लेकिन ज्यादातर लोगों को इस बात की शिकायत थी कि ऐहतियात का भरोसा दिए जाने के बाद भी सोसाइटियों की तरफ से दिक्कतें खड़ी की जा रही थी। 

धारावी में हालात में सुधार
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना के केस मुंबई से हैं। खासतौर से धारावी हॉटस्पॉट की तरह रहा है। करीब दो हफ्ते पहले तक यहां से प्रत्येक दिन कोरोना के 50 मामले सामने आते थे। लेकिन अब इस संख्या में कमी आई है। सरकार का लक्ष्य है कि इसे जीरो तक लाना है और मिशन जीरो तक लाना है। पिछले एक हफ्ते से कोरोना के 5 से 7 केस सामने आ रहे हैं। लेकिन उत्तर मुंबई में मामले तेजी से बढ़े हैं। 

अगली खबर