मुंबई में 2-4 हफ्तों के अंदर आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर, महाराष्ट्र कोविड फोर्स ने दी चेतावनी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 17, 2021, 01:16 PM IST

कोरोना की दूसरी लहर भले ही कम हो रही है लेकिन तीसरी लहर के आने के आसार तेजी से जताए जा रहे हैं। महाराष्ट्र के कोविड फोर्स ने चेतावनी दी है कि 2-4 हफ्तों के भीतर तीसरी लहर आ सकती है।

मुंबई में 2-4 हफ्तों के अंदर आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर, महाराष्ट्र कोविड फोर्स ने दी चेतावनी

मुंबई: कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म भी नहीं हुई है कि लोगों के सामने एक गंभीर संकट पैदा होने के संकेत मिल रहे हैं। महाराष्ट्र में कोविड-19 पर बनी टास्क फोर्स ने चेतावनी दी है कि जिस तरह से पिछले तीन दिनों में बाहर भीड़ देखी गई है उससे संकेत मिल रहा है कि अगले दो से चार सप्ताह के भीतर कोरोना की  तीसरी लहर महाराष्ट्र या मुंबई को प्रभावित कर सकती है। हालाँकि, यह भी कहा गया है कि बच्चों को उतना प्रभावित नहीं करेगी जितना कि निम्न मध्यम वर्ग के उन समूहों को करेगी जो अभी तक इसकी चपेट में नहीं आए हैं।

उद्धव ने की बैठक की अध्यक्षता

 दरअसल बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कोविड को लेकर अनुमानित तीसरी लहर को लेकर एक समीक्षा बैठक की  अध्यक्षता कर रहे थे और उसी दौरान टास्क फोर्स ने तीसरी लहर के बारे में ये भविष्यवाणी की। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ नौकरशाह शामिल हुए थे। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, तीसरी लहर में मामलों की कुल संख्या दूसरी लहर के मामलों की तुलना में दोगुनी होने का अनुमान लगाया गया है। 

नहीं रहे सतर्क तो आ सकती है तीसरी लहर

 बैठक में यह भी बताया गया कि कोविड की पहली लहर में 19 लाख मामले सामने आए, जो दूसरी लहर में बढ़कर 40 लाख हो गए। हालांकि, यह उम्मीद की जा रही है कि कुल मामलों का 10% बच्चों या युवा वयस्कों से होगा, जैसा कि पहली दो लहरों में होगा। टास्क फोर्स के सदस्य डॉ शशांक जोशी ने कहा, 'दूसरी लहर के कम होने के चार सप्ताह के भीतर ब्रिटेन तीसरी लहर का सामना कर रहा है। यदि हम सतर्क नहीं रहते हैं और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का अभ्यास नहीं करते हैं तो  हम उसी स्थिति में हो सकते हैं।' 

महाराष्ट्र में धीरे-धीरे हो रहा है अनलॉक

पिछले दो हफ्तों के दौरान राज्य सरकार वीकली पॉजिटिविटी दर और ऑक्सीजन बिस्तरों के आधार पर पांच-स्तरीय अनलॉक मॉडल लागू किया गया है। वर्तमान मॉडल के तहत, 15 से अधिक जिले और नागपुर और पुणे जैसे कुछ शहर में छूट दी गई है। इस दौरान अनियंत्रित भीड़ और कोविड के मानदंडों की अवहेलना जैसे मास्क ना पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना चिंता का कारण बन रहा है। 

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