MP News: धार की ऐतिहासिक धरोहर प्राचीन भोजशाला में एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। सकल हिंदू समाज के लोग हर मंगलवार की तरह आज सुबह भी भोजशाला मंदिर में दर्शन–पूजन और हनुमान चालीसा पाठ के लिए पहुंचे थे। लेकिन मंदिर में प्रवेश से पहले ही विवाद खड़ा हो गया। पुरातत्व विभाग (ASI) ने हिंदू समाज की ओर से मंदिर में ले जाए जा रहे माता वाग्देवी के तेल और नए चित्र को जब्त कर लिया। उन्होंने पूजा के लिए उन्हें चित्र व तेल अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी।
समिति का आरोप- ASI ने धार्मिक आयोजन में डाली बाधा
हिंदू समाज और भोज उत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि वे हर मंगलवार को मां वाग्देवी का चित्र और तेल लेकर नियमित रूप से भोजशाला मंदिर में पूजा करने आते हैं। उन्होंने कहा कि माता का पुराना चित्र आगामी वसंत पंचमी के लिए सुधारने के लिए दिया गया है, ऐसे में वे देवी का नया चित्र लेकर मंदिर पहुंचे थे। उनका आरोपा है कि ASI टीम द्वारा नया चित्र और तेल जब्त कर उनके धार्मिक आयोजन में बाधा डाली जा रही है। जिससे हिंदू समाज में गहरा आक्रोश फैल गया।
भोजशाला परिसर में बिना अनुमति रंगाई-पुताई का आरोप
समिति के प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उर्स की तैयारियों को लेकर भोजशाला परिसर में बिना अनुमति रंगाई–पुताई की जा रही है, जो नियमों के खिलाफ है। उनका कहना है कि हमेशा की तरह हिंदू समाज को दबाया जा रहा है। हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन जब्त किए गए चित्र को वापस नहीं लौटाएगा और बिना अनुमति की जा रही रंगाई–पुताई पर रोक नहीं लगाएगा, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
शुक्रवार को पड़ेगी बसंत पंचमी
इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है। ऐसे में यह स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है। जिसे लेकर पहले से ही विवाद और तैयारियों को लेकर गहमागहमी का माहौल है। ऐसे में ASI द्वारा नए चित्र को जब्त करने पर कई संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।
