Lucknow Murder News: लखनऊ में रेलवे ठेकेदार की हत्या में एक और सनसनीखेज खुलासा, सामने आई यह बड़ी बात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 29, 2022, 12:43 PM IST

Lucknow Murder Case: लखनऊ में रेलवे ठेकेदार की हत्या के मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। वीरेंद्र की हत्या करने वाले शूटरों ने एक दिन पहले ही होटल में ठिकाना बना लिया था।

Lucknow Murder News: लखनऊ में रेलवे ठेकेदार की हत्या में एक और सनसनीखेज खुलासा, सामने आई यह बड़ी बात
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Lucknow Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रेलवे ठेकेदार की हत्या के मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच में खुलासा हुआ कि शूटरों ने कैंट इलाके में एक दिन पहले ही होटल में ठिकाना बना लिया था। शूटरों ने पहले यहीं से रेकी की और इसके बाद वारदात को अंजाम दे डाला। पुलिस के अनुसार, शूटर शुक्रवार को ही होटल में पहुंच गए थे। यह खुलासा सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से हुआ है। पुलिस का कहना है कि शूटरों को लेकर कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।

बता दें कि रेलवे ठेकेदार व शिकारपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र की शूटरों ने घर में घुसकर गोलियां बरसा कर हत्या कर दी थी। वहीं पुलिस अभी इस मामले में वीरेंद्र की दूसरी पत्नी खुशबुन तारा से कई सावलों के जवाब पता करेगी, लेकिन परिवार अभी बिहार में है। तेरहवीं और अन्य रस्में पूरी होने के बाद ही परिवार लखनऊ पहुंचेगा। 

सुरक्षा गार्डों के गांव में पुलिस का डेरा 

वीरेंद्र ठाकुर ने जिन गार्डों को सुरक्षा के लिए रखा था, अब पुलिस ने उनके गांव में डेरा डाल रखा है। लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। इसके अलावा लखनऊ पुलिस ने बिहार के नरकटियागंज में भी डेरा डाल रखा है। वहीं पुलिस ने मंगलवार को वीरेंद्र के बिहार स्थित घर की तलाशी ली तो लाखों रुपये के सिक्के बरामद किए। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक शिवचरन लाल ने बताया कि सिक्कों के बारे में वीरेंद्र के भाई लालू ठाकुर से पूछताछ की गई है। वीरेंद्र के भाई ने बताया कि वह रेलवे स्टैंड के ठेके लेता था। इसलिए स्टैंड पर ज्यादातर रेजगारी मिलती थी। उन्होंने बताया कि यहां ये सिक्के चलते नहीं है, इसलिए भारी मात्रा में इकट्ठा हो गए। 

सिक्कों की तस्करी की आशंका

लखनऊ पुलिस को शक है कि वीरेंद्र ठाकुर का परिवार सिक्कों की तस्करी करता है। इसी शक में लखनऊ पुलिस ने बिहार के शिकारपुर थाने में जाकर वीरेंद्र ठाकुर का आपराधिक इतिहास खंगाला। उधर, वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों के बारे में सर्विलांस टीम को कई अहम सुराग मिले हैं। टीम वीरेंद्र के रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस वीरेंद्र की पहली पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी बिट्टू जायसवाल और शूटरों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। बताया गया कि प्रियंका और उसके प्रेमी बिट्टू पर 2008 में बेतिया के शिकारपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा बिट्टू की पहली पत्नी दीक्षा वर्मा ने दर्ज कराया था।  

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