सुबह का समय कई घरों में एकदम भाग-दौड़ तो बच्चों के रोने-धोने के साथ शुरु होता है । अलार्म बजता है, माता-पिता बच्चे को उठाते हैं और फिर शुरू होता है स्कूल न जाने का नाटक। कोई बच्चा पेट दर्द का बहाना बनाता है, कोई नींद पूरी न होने की शिकायत करता है, तो कोई अचानक उदास हो जाता है। अक्सर माता-पिता इसे आलस, जिद या पढ़ाई से बचने का तरीका समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है।
बच्चों का बार-बार स्कूल जाने से बचना कई बार किसी गहरी परेशानी का संकेत भी हो सकता है। स्कूल में दोस्तों के साथ परेशानी, पढ़ाई का दबाव, आत्मविश्वास की कमी या घर से अलग होने की चिंता जैसी बातें उनके व्यवहार को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में डांटने या मजबूर करने के बजाय यह समझना जरूरी है कि आखिर बच्चा स्कूल जाने से क्यों बच रहा है। देखें आखिर इसके पीछे क्या वजह हो सकती है -
1. स्कूल में किसी बात का डर या तनाव
कई बार बच्चे स्कूल में किसी टीचर, क्लासमेट या किसी खास परिस्थिति से डरते हैं। अगर उन्हें क्लास में बोलने में झिझक होती है या किसी बात पर बार-बार डांट मिलती है, तो वे स्कूल जाने से बचने की कोशिश कर सकते हैं।
2. दोस्तों के साथ लड़ाई
बच्चों के लिए दोस्ती बहुत मायने रखती है। यदि स्कूल में उनका किसी से झगड़ा हुआ हो, उन्हें ग्रूप से अलग महसूस कराया जा रहा हो या वे अकेलापन महसूस कर रहे हों, तो स्कूल उनके लिए तनाव का कारण बन सकता है।
3. पढ़ाई का दबाव
हर बच्चा एक जैसी सीखने की क्षमता नहीं रखता। कुछ बच्चों को होमवर्क, टेस्ट या क्लास परफॉर्मेंस का दबाव परेशान कर सकता है। जब पढ़ाई बोझ लगने लगती है, तो स्कूल जाने की इच्छा भी कम हो सकती है।
टाइम्स नाऊ नवभारत पर यह भी पढ़ें - कुकर फटने का रिस्क कैसे कम करें
