कहीं आपको इमोशनली डैमेज तो नहीं कर रहा रिश्ता? (Photo: iStock)
Is Your Love Emotionally Damage You: प्यार जीवन में सबसे खूबसूरत एहसास होता है। यह खूबसूरती तभी है जब प्यार आपके जीवन में सुकून, भरोसा और सुरक्षा लेकर आए। कई बार रिश्ते इतने धीरे-धीरे बदलते हैं कि हमें पता ही नहीं चलता कि हम भावनात्मक रूप से टूटते जा रहे हैं। रिश्ते में प्यार है, लेकिन मन हमेशा भारी रहता है… यह वही समय है जब आपको खुद से पूछना चाहिए कि क्या मेरा रिश्ता मुझे इमोशनली डैमेज कर रहा है? अगर हां तो आपको अपने रिश्ते का फिर से आंकलन करना चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी ये जानना है कि कैसे पहचानें कि रिश्ता इमोशनली नुकसान पहुंचा रहा है?
1. भावनाओं की कद्र कम होना: अगर आप हर बार अपनी बात कहते वक्त डरते हैं कि सामने वाला मजाक उड़ाएगा, गुस्सा करेगा या आपकी फीलिंग्स को ओवररिएक्ट कहकर टाल देगा तो यह इमोशनल डैमेज का पहला संकेत है।
2. लगातार गिल्ट फील कराना: कुछ लोग पार्टनर को हमेशा दोषी महसूस कराते हैं। ये तुम्हारी वजह से हुआ, तुम कभी समझते ही नहीं, मैं ही क्यों कोशिश करूं जैसी बातें आम हो जाती हैं। अगर आपको हर स्थिति में ब्लेम किया जाता है, तो समझ लीजिए रिश्ता भावनात्मक बोझ बन रहा है।
3. कंट्रोल करने की आदत: आपको क्या पहनना चाहिए, किससे बात करनी चाहिए, कहां जाना चाहिए, अगर हर चीज पर पाबंदी और जांच होने लगे तो यह हेल्दी रिलेशनशिप नहीं है। धीरे-धीरे यह आपकी पर्सनैलिटी कमजोर कर देता है।
4. हमेशा तनाव बने रहा: अगर रिश्ता आपको थका देता है, मानसिक तनाव बढ़ाता है और आप हमेशा एंग्जाइटी में रहते हैं कि पार्टनर क्या रिएक्ट करेगा तो यह इमोशनल डैमेज का साफ संकेत है।
5. प्यार में अस्थिरता: कभी प्यार दिखाना, कभी दूर हो जाना… जिससे आप हमेशा अस्थिरता में रहें। यह इमोशनल मैनिप्युलेशन है। ऐसा व्यवहार इंसान को अंदर से तोड़ देता है।
ये कुछ संकेत हैं जो बताते हैं कि आपका रिश्ता आपको भावनात्मक रूप से तबाह कर रहा है। लेकिन असली सवाल ये है कि अगर ऐसा है तो उससे कैसे बचें। ऐसा क्या करें कि इमोशनल डैमेज भी ना हो और रिश्ता भी बना रहे।
1. खुद से करें कुछ सवाल: खुद से पूछें कि इस रिश्ते ने पिछले कुछ महीनों में आपको कैसा महसूस करवाया है? आपको खुश ज्यादा मिली या दुख? आपको डर या तनाव मिला या फिर बेइंतहा केयर। जवाब भी पूरी ईमानदारी से दें और अपनी भावनाओं को कतई नजरअंदाज न करें।
2. पार्टनर से करें बात: पार्टनर को साफ बताएं कि आप परेशान हैं। उनसे बताएं कि कुछ बातें ऐसी हैं जो आपको परेशान करती हैं। कहिये की ताने मारना,कंट्रोल करना या बार-बार भावनाओं का मजाक उड़ाना बंद करें। किसी भी रिश्ते में सीमाएं तय होनी चाहिए।
3.शांति से संवाद करें: कई बार पार्टनर को एहसास नहीं होता कि उनका व्यवहार आपको चोट पहुंचा रहा है। इमोशनल बातचीत टाले नहीं, लेकिन लड़ाई की तरह भी न करें।
4. सेल्फ रेस्पेक्ट ना छोड़ें: रिश्ता ऐसा ना हो जो आपकी इज्जत, खुशी और आत्मविश्वास को खत्म करे या ठेस पहुंचाएं। अगर आपको बार-बार खुद को कमतर महसूस करना पड़े तो यह प्यार नहीं, निर्भरता है।
5. जरूरत पड़ने पर दूरी बनाएं: कभी-कभी रिश्ते से थोड़ी दूरी ही सबसे बड़ी राहत होती है। इससे आपको चीजें साफ दिखाई देने लगती हैं कि आप खुश हैं या बस निभा रहे हैं।
6. आखिरी विकल्प: अगर बातचीत, कोशिशें और समय, कुछ भी सुधार नहीं ला रहा, तो खुद को बचाना जरूरी है। आपका मानसिक स्वास्थ्य किसी भी रिश्ते से बड़ा है। आप उस रिश्ते से निकल जाइए।
हमेशा याद रखें कि प्यार आपकी जिंदगी को बेहतर बनाना के लिए होता है। लेकिन जब यही प्यार का रिश्ता बोझ दर्द, डर और असुरक्षा का एहसास कराने लगे तो वह किसी लायक नहीं होता। इसीलिए अगर आपका रिश्ता आपको इमोशनली डैमेज कर रहा है, तो अपने मन की आवाज सुनें। क्योंकि वही आपको सही दिशा दिखाएगी।
latest lifestyle stories