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दूसरे पति से तलाक लेने वाली हैं दलजीत कौर.. बच्चे पर हुआ ऐसा असर, डिवोर्स लेने से पहले हर कपल सोचें ये 5 बातें

Divorce Effects on Children (तलाक से बच्चों पर असर): अपनी आंखों के सामने मां-बाप का घर और अपना परिवार टूटने देखना हर बच्चे के लिए बेहद मुश्किल है। ऐसे में पति-पत्नी के झगड़े और तलाक जैसी स्थिति का बच्चे पर क्या असर होता है ये जानना जरूरी है। देखें तलाक लेने से पहले सोचने वाली बातें।

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Divorce Effects on Children (तलाक से बच्चों पर असर): तलाक लेने का ट्रेंड इन दिनों खूब तेजी से फैल रहा है। आज कल के कई कपल्स हल्की सी तकरार-नाराजगी के बाद बहुत तुरंत ही तलाक लेने का फैसला कर लेते हैं। बिना ये सोचे कि रिश्ता टूटने से उनके साथ एक पूरा परिवार भी टूटेगा। हालांकि हर स्थिति एक सी नहीं होती है, और तलाक के फैसले कई मामलों में बहुत जरूरी भी होते हैं। जैसे कि हाल ही में टीवी एक्ट्रेस दलजीत कौर और दूसरे पति निखिल पटेल के केस में हुआ है। दलजीत ने पति पर चीटिंग का इल्जाम लगाया है, हालांकि स्थिति जो भी हो। दोनों के रिश्ते टूटने का असर पर उनके बच्चों पर किसी न किसी तरह से पड़ेगा ही, ऐसे में हर कपल को तलाक लेने से पहले ये 5 जरूरी बातें जरूर सोचनी ही चाहिए।

Effects of Divorce on Children

जल्दबाजी में तो नहीं लिया फैसला

हर कपल को इस बात पर गौर करना चाहिए कि, उन्होने अगर तलाक का फैसला लिया है। तो क्या यह फैसला किसी तरह की जल्दबाजी या बदले की भावना के साथ तो नहीं लिया गया है। क्योंकि अगर इस सवाल का जवाब हां है, तो आपको जरूर ही अपने फैसले पर साथ बैठकर करीब दस बार अपने तो अपने टूटते परिवार के बारे में सोचना ही चाहिए।

बच्चों के दिमाग पर होगा असर

तलाक का, अपने मां बाप को अलग होते देखने का बच्चों के दिमाग पर हर स्थिति में नकारात्मक असर ही पड़ता है। ऐसे में रिश्ता तोड़ने से पहले अपने बच्चों के भविष्य के बारे में जरूर सोचे। हालांकि इसका ये मतलब नहीं है कि, आप अपने हित को नजरअंदाज कर दें।

आगे की प्लानिंग

दोनों ही पार्टनर्स को तलाक लेने का फैसला लेते वक्त, अपने आगे वाले भविष्य की प्लानिंग करनी ही चाहिए। आपके पास प्लान बी होना चाहिए, ताकि परिवार का ध्यान सही ढंग से रखा जा सके।

बच्चे का उठ सकता है विश्वास

तलाक से आमतौर पर बच्चों पर ये असर होता है कि, वे रिश्तो पर विश्वास करना बंद या कम कर देते हैं। जिसके कारण उन्हें समाज में उठने बैठने तो अपना भविष्य बनाने में दिक्कत हो सकती है। ऐसी स्थिति आपके बच्चे के साथ न हो इसलिए सोच-समझकर फैसला लें।

दिल पर जख्म

तलाक का जख्म कपल के साथ उनके बच्चों पर भी खूब गहरा पड़ता है। बच्चों के हित को अपने हित के साथ लेकर चलने में ही भलाई है। बच्चों के दिल पर लगे जख्म जल्दी से मिटते नहीं हैं। इसलिए ध्यान रखें और अपना फैसला लें।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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